लखनऊ:
लखनऊ के प्रतिष्ठित गोमती नगर स्थित 'जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर' (JPNIC) का संचालन लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा प्राइवेट हाथों यानी ठेके पर दिए जाने के फैसले पर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस बाबत निकाले जा रहे ग्लोबल टेंडर को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, "पूरी सरकार ही ठेके पर चली जाए। हमने अब अपना मन बदल लिया है; हमारे पास पैसा नहीं है और हम JPNIC नहीं लेंगे—जिसे चाहिए, वह ले ले।"
‘हम बनाएंगे नया JPNIC और भव्य म्यूजियम’
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी आंदोलन और उसके नायकों का सम्मान किसी भी सूरत में कम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा:
नई जगह पर निर्माण: "हम एक नया JPNIC बनाएंगे, वह भी एक बिल्कुल नई जगह पर।"
समाजवादियों का सम्मान: नए सेंटर में उन सभी समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने इस ऐतिहासिक आंदोलन को आगे बढ़ाया।
भव्य म्यूजियम: इसके लिए एक शानदार कार्यक्रम आयोजित कर नया और भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) तैयार किया जाएगा।
राजनीतिक विद्वेष का आरोप और 2027 का संकल्प
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी की बदहाली का वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक विद्वेष के कारण भाजपा सरकार ने सपा कार्यकाल के ड्रीम प्रोजेक्ट्स को ठप कर दिया है। अखिलेश ने संकल्प दोहराया कि 2027 में 'PDA' (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनते ही रोक दिए गए सभी विकास कार्यों को पूरा कर नए उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जाएगा।
विधानसभा सत्र से ठीक पहले सरकार को घेरा विधानसभा के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर अखिलेश यादव ने अन्य मुद्दों पर भी योगी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की साजिश रची जा रही है, ताकि पीडीए समाज के बच्चे शिक्षित न हो सकें।





