लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'महापाप' बताते हुए जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) की परिभाषा ही बदल दी। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेंगलुरु दौरे को लेकर भी सरकार को कड़े घेरे में लिया।

'SIT का मतलब– Share in Theft, यह विश्वास में सेंध है'

अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी और प्रशासनिक नाकामी से जुड़े सवाल पर सपा प्रमुख ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने जांच के लिए बनी एसआईटी के नाम पर तंज कसते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।

"अयोध्या के राम मंदिर में जो कुछ भी हुआ, वह एक महापाप है। देश-दुनिया से श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ यहां चढ़ावा चढ़ाते हैं, यह हमारी सनातनी परंपरा का हिस्सा है। परंपरा और जन-आस्था पर सवाल उठना बेहद संवेदनशील मामला है। इस मामले में बनाई गई SIT का मतलब क्या हुआ— 'Share in Theft' (चोरी में हिस्सेदारी)? यह जनता के पवित्र विश्वास में सेंधमारी है और आस्था के साथ खुला खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" — अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

लखनऊ अग्निकांड पर घेरा: 'दीवार तोड़ने के औजार तक नहीं, दम घुटने से गई जान'

लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड पर गहरा दुख जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पहले से जाग रही होती और समय पर सुरक्षा सुविधाएं मौजूद होतीं, तो निर्दोष बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

लापरवाही का आरोप: अखिलेश ने कहा कि आग लगने के बाद राहत दल के पास दीवार तोड़ने तक के जरूरी औजार मौजूद नहीं थे। आग से ज्यादा लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई।

बुलडोजर नीति पर सवाल: सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "महाकुंभ में कई बार आग लगी, लेवाना होटल अग्निकांड के समय सरकार ने 24 घंटे में बुलडोजर चलाने की बात कही थी, लेकिन जब अपना (चहेतों का) होटल सामने आया, तो बुलडोजर नहीं चल सका। जो सरकार अकबर नगर के हजारों लोगों को उजाड़ सकती है, वह पिछले 10 सालों से क्या कर रही थी?"

सीएम के बेंगलुरु दौरे पर तंज: 'वो वहां सिर्फ डोसा खाने जा रहे हैं'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'UP ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026' और इन्वेस्टर रोड शो के सिलसिले में बेंगलुरु जाने पर भी अखिलेश यादव ने चुटकी ली। उन्होंने सरकार की निवेश नीतियों को विफल बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए लाखों एकड़ जमीनें बांटी जा रही हैं।

उन्होंने कहा, "अब ये बेंगलुरु में इन्वेस्टमेंट ढूंढने जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ये वहां सिर्फ डोसा खाने जा रहे हैं। जब सरकार का जाने का समय आ गया है, तो भला कौन सा इन्वेस्टर इनके भरोसे निवेश करने आएगा? अगर राज्य में वाकई में निवेश आया होता, तो आज प्रदेश के युवाओं के पास नौकरियां और रोजगार होते, लेकिन सच्चाई सबके सामने है।"