नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों में बढ़ती हताशा और आत्महत्या की दुखद घटनाओं ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे मामले में सीधे सरकार की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए दबाव बेहद तेज कर दिया है।

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों में सत्ता संरक्षित लोगों का एक ऐसा गठजोड़ सक्रिय है, जिसने पेपर लीक को 'पैसा कमाने का जरिया' बना लिया है।

व्हाट्सएप पर बिक रहा था पेपर, संसदीय समिति की सिफारिशें कचरे में फेंकी: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक विशेष वीडियो बयान जारी कर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:

"पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले व्हाट्सएप पर नीट का पेपर बांटा जा रहा था, मगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि इससे उनका कोई लेना-देना नहीं। संसदीय समिति ने इस व्यवस्था में सुधार की सिफारिशें की थीं, मगर शिक्षा मंत्री ने सिर्फ इसलिए उसे कचरे के डिब्बे में डाल दिया क्योंकि उस समिति में विपक्षी दलों के सदस्य बैठे थे।"

राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि देश के सबसे अहम शिक्षा क्षेत्र को आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) से जुड़े लोगों के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलपति (VC) और प्रोफेसर की नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर हो रही हैं। इसी 'नेक्सस' (गठजोड़) के कारण देश में 80 बार पेपर लीक हो चुके हैं और दो करोड़ युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।

नेता विपक्ष की दो टूक मांग:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लें या उन्हें बर्खास्त करें।

पेपर लीक के असली दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।

'भ्रष्ट व्यवस्था ने रौंदे मासूमों के सपने': मल्लिकार्जुन खरगे का भावुक हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेपर लीक के सदमे के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रही छात्रों की आत्महत्या की खबरों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कुछ दिवंगत छात्रों का जिक्र करते हुए लिखा:

"लखीमपुर खीरी के ऋतिक मिश्रा, दिल्ली की अंशिका पांडेय, राजस्थान के प्रदीप मेघवाल, बेंगलुरु के छात्र... इन सबने आत्मघाती कदम उठाया है। किसी ने बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देखा था, तो किसी के परिवार ने अपनी पूरी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी थी। लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था ने उनके सपनों को बेरहमी से रौंद दिया।"

छात्र का नामराज्य/शहर
ऋतिक मिश्रालखीमपुर खीरी
अंशिका पांडेयदिल्ली
प्रदीप मेघवालझुंझुनूं, राजस्थान
बेंगलुरु का छात्रगोवा

'परीक्षा-लीक पर चर्चा' कीजिए प्रधानमंत्री जी, चुप रहने से कुछ नहीं होगा!

खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम अब खुद 'फैक्ट चेक' करने लगे हैं और सोशल मीडिया पर 'ईज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) की बातें कर रहे हैं, लेकिन नीट घोटाले और छात्रों की मौतों पर पूरी तरह मौन हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाया कि 2024 के नीट पेपर लीक में जिन अधिकारियों पर उंगलियां उठी थीं, उन्हें सजा देने के बजाय 'मलाईदार पद' दे दिए गए। उन्होंने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अब 'परीक्षा पे चर्चा' नहीं, बल्कि 'परीक्षा-लीक पर चर्चा' करनी चाहिए।