विशेष संवाददाता, नई दिल्ली:

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक महीने से अधिक समय तक चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था और पूरा सिस्टम देश के छात्रों के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।

गौरतलब है कि यह आंदोलन हाल ही में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ है।

दिल्ली में पैलेट गन और बिहार में AK-47 का आरोप

रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि हर जगह एक ही पैटर्न देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, "खबरें आ रही हैं कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं और कई छात्रों पर FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार से लेकर दिल्ली तक छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने सवाल किया, "मिस्टर मोदी, आपका वह वादा कहाँ गया कि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएंगी और उन्हें रिहा किया जाएगा? इसके बजाय उन पर बर्बरता की जा रही है। प्रधानमंत्री को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।"

"यह सरकार असली सुधार करने में असमर्थ है। वे अपनी बात से मुकर जाएंगे और छात्रों की आवाज दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाएंगे।"

राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष (लोकसभा)

प्रियंका गांधी ने FIR की पुष्टि पर जताई चिंता

वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि खबरें आ रही हैं कि बिहार और बंगाल में छात्रों के खिलाफ अभी भी नए मामले (FIR) दर्ज किए जा रहे हैं।

कानूनी सलाहकारों और वकीलों के अनुसार, कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिए गए लगभग 200 छात्रों को विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 24 घंटे से अधिक समय तक रोके रखने के आरोप लगे हैं।

सिवान मामले में पुलिसकर्मी पर गिर चुकी है गाज

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए बिहार के सिवान मामले में स्थानीय प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका है। 25 जुलाई के बंद के दौरान AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी अभिषेक कुमार पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच जारी है।