नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी के विदेशी दौरों को लेकर एक नया मोर्चा खोल दिया है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी की घोषित आय और उनकी विदेश यात्राओं पर हुए कथित खर्च के बीच के बड़े अंतर को उजागर करते हुए तीखे सवाल पूछे हैं।
आय बनाम खर्च: '60 करोड़' का बड़ा आंकड़ा
संबित पात्रा ने राहुल गांधी के चुनावी हलफनामों और विदेशी दौरों के आंकड़ों का हवाला देते हुए निम्नलिखित तुलनात्मक आरोप लगाए:
घोषित आय: आकलन वर्ष 2013-14 से 2022-23 तक (10 वर्षों में) राहुल गांधी की कुल घोषित आय लगभग 11 करोड़ रुपये रही।
विदेश यात्रा खर्च: बीजेपी का दावा है कि साल 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी ने अपनी निजी विदेश यात्राओं पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
बीजेपी का सवाल: पात्रा ने पूछा कि जब 10 साल की आय केवल 11 करोड़ है, तो बिना किसी आधिकारिक या सरकारी प्रायोजन के 60 करोड़ रुपये कैसे खर्च किए गए? आखिर इस फंडिंग का असली स्रोत क्या है?
22 साल, 54 यात्राएं और कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पात्रा ने बताया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों से एक निर्वाचित जन-प्रतिनिधि (सांसद) हैं। इस दौरान उनके यात्रा इतिहास का विवरण कुछ इस प्रकार दिया गया:
कुल यात्राएं: 54 व्यक्तिगत (निजी) विदेश यात्राएं।
प्रमुख देश: इटली, ब्रिटेन (UK), अमेरिका (US), जर्मनी, वियतनाम, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।
प्रमाण: बीजेपी का दावा है कि ये यात्राएं ऑन-रिकॉर्ड हैं, जिनका प्रमाण प्रेस कार्यक्रमों, संसद से अनुपस्थिति के रिकॉर्ड और सोशल मीडिया की तस्वीरों से मिलता है।
"मुख्य बिंदु यह नहीं है कि उन्होंने यात्रा की या नहीं, मुख्य बिंदु यह है कि इन यात्राओं के पीछे जो फंडिंग हुई और जिस 'रूट' से पैसा आया, उसे आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?" — संबित पात्रा, भाजपा सांसद
अंदरूनी खींचतान और पारदर्शिता की मांग
भाजपा का आरोप है कि ये सभी 54 यात्राएं राहुल गांधी की निजी यात्राएं थीं, जिनमें कोई भी आधिकारिक सरकारी या संसदीय दौरा शामिल नहीं था। पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि वह इन यात्राओं के वित्तीय पहलुओं को लेकर पारदर्शिता बरते और देश की जनता को स्पष्ट जवाब दे।





