चंडीगढ़/नई दिल्ली: पांच राज्यों के चुनावों के समापन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब अपना पूरा ध्यान पंजाब की सियासी जमीन पर केंद्रित कर दिया है। 'मिशन पंजाब' के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब हर महीने राज्य का दौरा करेंगे। इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु ड्रग्‍स के खिलाफ निर्णायक जंग और जन-जागरूकता होगा। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, भाजपा नशे को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।

मई से शुरू होगा 'नशा मुक्त पंजाब' अभियान

अमित शाह का यह विशेष मिशन मई 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत भाजपा पूरे राज्य में एक बड़ी यात्रा निकालेगी, जिसमें केंद्र और राज्य के दिग्गज नेता शामिल होंगे।

हर महीने दौरा: अमित शाह साल भर हर महीने पंजाब के अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे।

ड्रग्स के खिलाफ यात्रा: यह यात्रा पंजाब के 'पिंड-पिंड' (गांव-गांव) तक जाएगी, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना और परिवारों को इस लत से बचाना है।

डबल इंजन सरकार का तर्क: भाजपा नेताओं का कहना है कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए सीमा पार से होने वाली नार्को-टेररिज्म और ड्रोन तस्करी को केवल केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार ही प्रभावी ढंग से रोक सकती है।

ड्रग्स के बहाने 'AAP' सरकार पर निशाना

भाजपा इस अभियान के जरिए सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा करना चाहती है। पार्टी का आरोप है कि 2022 में ड्रग्स मुक्त पंजाब का वादा कर सत्ता में आई 'आप' सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है।

एक्सपोज़ करने की तैयारी: भाजपा का लक्ष्य जनता को यह दिखाना है कि वर्तमान सरकार के दौरान नशा और अपराध कम होने के बजाय बढ़ा है।

अकेले चुनाव लड़ने का फैसला: भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी चुनाव अकेले लड़ेगी और अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

क्यों अहम है यह समय?

सियासी जानकारों का मानना है कि पंजाब में इस वक्त राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं।

विपक्ष की स्थिति: कांग्रेस अपनी अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रही है, जबकि अकाली दल अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने में लगा है।

सुरक्षा और नार्को-टेरर: अमित शाह ने हाल ही में घोषणा की है कि 31 मार्च, 2026 से पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ एक 3 साल का सामूहिक अभियान शुरू किया गया है। पंजाब इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बदलाव रैली का असर: मार्च में मोगा में हुई 'बदलाव रैली' के बाद भाजपा को उम्मीद है कि ड्रग्स का मुद्दा उसे राज्य में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगा।

अमित शाह का संकल्प: "भाजपा दो साल के भीतर पंजाब को नशे के जाल से मुक्त कर देगी। यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी को बचाने का धर्मयुद्ध है।"