मुंबई। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देशभर में युवाओं के प्रदर्शनों के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का एक बड़ा बयान सामने आया है। 'सामना' के कार्यकारी संपादक व सांसद संजय राउत को दिए विशेष साक्षात्कार में ठाकरे ने 'सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के नेतृत्व में हुए युवा आंदोलन को लोकतंत्र के लिए नई ऊर्जा और ‘ऑक्सीजन’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन केवल सरकार ही नहीं, बल्कि विपक्ष की विफलता को भी उजागर करता है।

युवाओं का आंदोलन और जनता का टूटता भरोसा

उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश की जनता का भरोसा अब पारंपरिक नेताओं और राजनीतिक दलों से कम होता जा रहा है। इसी असंतोष के कारण आज देश के युवाओं को खुद सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा।

विपक्ष पर भी उठाए सवाल: ठाकरे ने कहा, "यदि विपक्ष संसद और सड़कों पर अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा पाता, तो देश के छात्रों को इतना बड़ा आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।"

आरएसएस की चुप्पी पर घेरा: उन्होंने इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने बड़े राष्ट्रीय छात्र आंदोलन के दौरान संघ की उपस्थिति या प्रतिक्रिया क्यों नजर नहीं आई?

'डर के साये से बाहर आ चुकी है जनता'

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली से लेकर मुंबई तक उन्हें यह स्पष्ट महसूस हुआ है कि देश के नागरिक अब जेल, केंद्रीय एजेंसियों या दमनकारी हथियारों के डर से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

"जब जनता के मन से भय पूरी तरह समाप्त हो जाता है, तो वह सत्तारूढ़ दल के अंत की शुरुआत होती है। लोग अब खुलकर अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं।"

उद्धव ठाकरे, प्रमुख - शिवसेना (UBT)

12 वर्षों के असंतोष का परिणाम

नीट परीक्षा धांधली का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह विरोध केवल एक परीक्षा का मुद्दा भर नहीं है, बल्कि यह बीते 12 वर्षों से युवाओं के साथ हुए 'विश्वासघात और असंतोष का विस्फोट' है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि देश को केवल बड़े-बड़े सपने और उम्मीदें दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत में आम जनता को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने आंदोलनकारी युवाओं के प्रति अनुचित टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि हक की मांग कर रहे युवाओं को अपमानित करना बेहद शर्मनाक है।

क्या है सीजेपी और आंदोलन का पृष्ठभूमि?

अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित 'सीजेपी' (CJP) संगठन पिछले कुछ हफ्तों में एक बड़े देशव्यापी युवा आंदोलन के रूप में उभरा है। नीट परीक्षा में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों की मांग को लेकर चलाए गए इस आंदोलन के दबाव में ही आखिरकार शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान को अपने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उद्धव ठाकरे के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से सरकार और विपक्ष दोनों को गहरा सबक सीखने की जरूरत है।