नई दिल्ली:

पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर दोहरे रवैये (डबल स्टैंडर्ड) का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बात कर्नाटक और झारखंड जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक की आती है, तो राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पूरी तरह खामोश हो जाती हैं।

"कांग्रेस का आक्रोश केवल राजनीतिक फायदे के लिए"

संबित पात्रा ने कहा कि झारखंड में हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस न तो उनके समर्थन में एक शब्द बोल रही है और न ही संसद में इस मुद्दे को उठा रही है।

संबित पात्रा का बयान: "झारखंड और कर्नाटक पर कांग्रेस का मौन यह साबित करता है कि उनका आक्रोश सिर्फ चुनिंदा (Select) है। वे छात्रों के भविष्य की चिंता करने के बजाय केवल राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।"

'करोड़ों खर्च होते हैं, लेकिन संसद में प्रश्नकाल तक नहीं चला'

संसद के मानसून सत्र में जारी हंगामे पर पात्रा ने चिंता जताते हुए कहा कि जनता के करोड़ों रुपये से चलने वाले संसद सत्र में कांग्रेस और 'INDIA' गठबंधन के अड़ियल रवैये के कारण एक भी प्रश्नकाल ठीक से नहीं हो सका है। किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक चर्चा नहीं होने दी जा रही है।

कर्नाटक मंत्री प्रियांक खरगे की टिप्पणी पर घेरा

कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा विवाद का जिक्र करते हुए पात्रा ने राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया।

विवादित बयान: जब मीडिया ने खरगे से पूछा कि क्या वे परीक्षा में गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेंगे, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, "उन्हें 25 दिन भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद मैं इस्तीफे पर सोचूंगा।"

पात्रा ने पूछा कि छात्रों के प्रति इतनी संवेदनहीनता पर राहुल गांधी अब तक चुप क्यों हैं?

झारखंड: JPSC के पूर्व अध्यक्ष से 32 घंटे पूछताछ, रांची में छात्रों का अनशन

संबित पात्रा ने झारखंड की स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में परीक्षा धांधली की शिकायतें किस कदर गंभीर हैं:

पूर्व Chairman से पूछताछ: JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही CID ने पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से चार दौर में अब तक करीब 32 घंटे (हाल ही में 7 घंटे) पूछताछ की है।

रांची में सत्याग्रह: छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की अगुवाई में अभ्यर्थी 29 जुलाई से रांची में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की जांच CID के बजाय सीधे CBI को सौंपी जाए।