नई दिल्ली/गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के बाद, मंगलवार को असम पुलिस की एक टीम दिल्ली पुलिस के साथ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के निजामुद्दीन स्थित आवास पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के मुताबिक खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन वहां से कुछ 'आपत्तिजनक दस्तावेज' बरामद होने का दावा किया गया है।

तीन पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति का गंभीर आरोप

विवाद की जड़ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का वह सनसनीखेज बयान है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं:

संयुक्त अरब अमीरात (UAE): वैधता मार्च 2027 तक।

एंटीगुआ-बारबुडा: वैधता अगस्त 2031 तक।

मिस्र (Egypt): वैधता फरवरी 2029 तक।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि इन संपत्तियों और पासपोर्ट की जानकारी मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में छिपाई है। कांग्रेस ने सरमा से तीन सीधे सवाल पूछे हैं कि क्या उनके परिवार की दुबई में संपत्ति, अमेरिका के व्योमिंग में कंपनियां और शेल कंपनियों में निवेश है?

'गीता पर हाथ रखकर भी सच नहीं बोलेंगे सरमा': कांग्रेस

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री पर हमला तेज करते हुए कहा कि वे तथ्यों की जांच के बाद ही ये आरोप लगा रहे हैं। गौरव गोगोई ने कहा, "मैं गीता पर हाथ रखकर कह सकता हूँ कि मुझ पर पाकिस्तान में खाते होने के आरोप झूठे हैं, क्या सरमा ऐसा कर सकते हैं?" वहीं खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धार्मिक नहीं हैं, इसलिए शायद वे गीता की शपथ लेकर भी सच न बोलें।

मुख्यमंत्री की पत्नी का पलटवार: "आरोप पूरी तरह झूठे"

इन आरोपों से आहत मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने इसे "पूरी तरह निराधार" बताया है। रिनिकी सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि और झूठे आरोप लगाने की शिकायत दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे क्योंकि चुनाव से ऐन पहले उनकी छवि बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है।

9 अप्रैल की वोटिंग पर टिकी निगाहें

असम में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से महज कुछ दिन पहले हुए इस घटनाक्रम ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। जहां कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार और पारदर्शिता का मुद्दा बना रही है, वहीं भाजपा इसे चुनावी हताशा में दिया गया "झूठा बयान" करार दे रही है। पुलिस की बरामदगी और आगामी कानूनी जांच इस चुनाव के नतीजों पर गहरा असर डाल सकती है।