पटना। बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से सत्ता, संघर्ष और अभूतपूर्व सियासी रणनीतियों का मुख्य केंद्र रहा '10 सर्कुलर रोड' का ऐतिहासिक आवास अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ चला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने इस दो दशक पुराने सरकारी आशियाने को खाली करना शुरू कर दिया है। सोमवार को लालू प्रसाद और राबड़ी देवी अपने पुत्र व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर शिफ्ट हो गए।
प्रशासन द्वारा आवास खाली करने की अंतिम समय-सीमा 29 जून तय की गई है। इसी के मद्देनजर पिछले कई दिनों से 10 सर्कुलर रोड से सामान की शिफ्टिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा था। घर का अधिकांश सामान हटाया जा चुका है, हालांकि यह बंगला पूरी तरह कब तक खाली होगा, इसकी अंतिम तस्वीर अभी साफ होना बाकी है।
अब्दुल बारी सिद्दीकी बोले- "समय पर खाली होगा बंगला"
सोमवार को इस सियासी हलचल के बीच राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी जब 10 सर्कुलर रोड परिसर से बाहर निकले, तो पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि आवास को निर्धारित समय-सीमा के भीतर खाली कर दिया जाएगा। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या आज (सोमवार) ही पूरा बंगला खाली हो जाएगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मैंने ऐसा नहीं कहा है।" इस दौरान उन्होंने समर्थकों को आश्वस्त करते हुए यह भी बताया कि लालू प्रसाद यादव की सेहत में अब पहले से काफी सुधार है।
हार्डिंग रोड का नया आशियाना अभी अधूरा
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा कयासबाजी हो रही है कि लालू-राबड़ी का स्थायी ठिकाना अब कौन सा होगा? दरअसल, राबड़ी देवी को आवंटित किया गया '39 हार्डिंग रोड' का सरकारी आवास अभी पूरी तरह रहने योग्य तैयार नहीं हुआ है। लालू यादव के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वहां विशेष मरम्मत और जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। यही वजह है कि जब तक वह आवास पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक यह वरिष्ठ राजनेता दंपति तेजस्वी यादव के पोलो रोड स्थित बंगले में ही समय बिताएगा।
निजी आवासों की ओर भी मुड़ा सामान, अटकलें तेज
दिलचस्प बात यह है कि 10 सर्कुलर रोड से निकलने वाली सामान की गाड़ियां सिर्फ पोलो रोड ही नहीं, बल्कि लालू परिवार के निजी ठिकानों की तरफ भी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि काफी सामान कौटिल्य नगर और गोला रोड स्थित उनके निजी आवासों में भी भेजा गया है। इस कदम ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या लालू परिवार भविष्य में किसी सरकारी बंगले के बजाय अपने निजी आवास को ही अपना स्थायी ठिकाना बनाने जा रहा है?
दिनभर बनी रही 'पावर सेंटर' पर गहमागहमी
सोमवार की सुबह से ही 10 सर्कुलर रोड पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। विदाई की इस घड़ी में राजद के कई दिग्गज नेता और समर्पित कार्यकर्ता लालू प्रसाद से मिलने पहुंचे। परिसर में दिनभर भारी गहमागहमी और भावुकता का माहौल देखा गया।
एक अध्याय का अंत, नए दौर की शुरुआत 10 सर्कुलर रोड महज एक पता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का वो ध्रुव रहा है जहां से सूबे की किस्मत के कई फैसले लिखे गए। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के मुख्यमंत्रित्व काल के बाद भी राजद की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक बिसात इसी चौखट के भीतर बिछाई जाती रही। अब इस बंगले में बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम के रहने की तैयारी है। इस बदलाव के साथ ही बिहार की समकालीन राजनीति के एक बेहद दिलचस्प और प्रभावशली अध्याय पर फिलहाल पूर्णविराम लग गया है।





