कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से ठीक पहले सूबे की सियासत का पारा चरम पर है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए काउंटिंग एजेंटों में जोश भरते हुए अपनी जीत का अटूट भरोसा जताया। ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल्स को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'स्टॉक मार्केट में हेरफेर' का जरिया बताया और कार्यकर्ताओं को अंतिम समय तक डटे रहने का 'वोकल टॉनिक' दिया।

"200 पार जाएगी TMC, एग्जिट पोल सिर्फ छलावा"

ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी केवल जीत ही नहीं रही, बल्कि पिछली बार के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 200 से अधिक सीटें हासिल करेगी। उन्होंने कहा:

बाजार का खेल: "एग्जिट पोल्स महज एक दिखावा हैं ताकि शेयर बाजार को गिरने से बचाया जा सके। बीजेपी झूठ की राजनीति कर रही है।"

खेला होबे: उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देते हुए कहा कि मतगणना के दिन असली 'खेला' होगा और उनकी टीम इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

काउंटिंग एजेंटों के लिए 'कड़े नियम' और सुरक्षा मंत्र

ममता बनर्जी ने एजेंटों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी और मतगणना केंद्र के भीतर किसी भी बाहरी वस्तु या भोजन से परहेज करने को कहा। उनके मुख्य निर्देश निम्नलिखित रहे:

भोजन की सतर्कता: "एजेंट अपना खाना घर से लाएं। बाहर का कुछ भी न खाएं, कोई कुछ मिला सकता है।"

दोपहर 2 बजे का नियम: "जब तक जीत का सर्टिफिकेट न मिल जाए, काउंटिंग सेंटर न छोड़ें।"

री-काउंटिंग की मांग: "अगर मार्जिन 200-300 वोटों का हो, तो तुरंत दोबारा गिनती की मांग करें।"

मशीनों पर नजर: स्ट्रॉन्ग रूम से मशीन लाते समय सीरियल नंबर का मिलान अनिवार्य है।

अभिषेक बनर्जी की 'तकनीकी गाइडलाइन': बैटरी और VVPAT पर फोकस

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एजेंटों को तकनीकी रूप से सुसज्जित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने 'बैटरी परसेंटेज' को जीत-हार के बीच का एक बड़ा हथियार बताया:

बैटरी अलर्ट: "अगर मशीन की बैटरी 70% से ज्यादा दिखाई दे, तो तुरंत VVPAT काउंटिंग की मांग करें, क्योंकि दिन भर की पोलिंग के बाद बैटरी 50% के करीब होनी चाहिए।"

डेटा मैचिंग: फॉर्म 17C के साथ मशीन के सीरियल नंबर का मिलान करें। कोई भी गड़बड़ी होने पर 'रूल 56' के तहत लिखित आपत्ति दर्ज कराएं।

"झंडा और डंडा साथ रखें": कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश

अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से आक्रामक रुख अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि पिछली बार की 'नंदीग्राम जैसी घटना' दोबारा नहीं होने दी जाएगी।

"अगर CAPF या पुलिस गलत तरीके से लाठियां चलाती है, तो बंगाल के लोग करारा जवाब देंगे। अपने साथ झंडा और डंडा दोनों रखें और काउंटिंग सेंटर के बाहर हजारों की संख्या में डटे रहें।"

अत्याचार का सामना करने वालों को मिलेगा इनाम

ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ क्रूरता का आरोप लगाया। उन्होंने घोषणा की कि जिन कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान प्रताड़ना सही है, पार्टी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत करेगी।

निष्कर्ष: ममता बनर्जी का यह कड़ा रुख और अभिषेक बनर्जी की माइक्रो-प्लानिंग यह साफ करती है कि टीएमसी 2026 की इस लड़ाई को "अस्तित्व की लड़ाई" मान रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि 6 मई को आने वाले नतीजे न केवल अगले 5 साल, बल्कि अगले 50 सालों तक याद रखे जाएंगे।