पटना,

बिहार की राजनीति में एक बार फिर अपनों के बीच ही सियासी तलवारें खिंच गई हैं। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान पर बेहद तीखा हमला बोला। पटना के विद्यापति भवन में आयोजित पार्टी की राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए मांझी ने बिना नाम लिए चिराग पासवान और भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में सीटों के समीकरण को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की।

'नाखून कटाकर शहीद का दर्जा लेना चाहते हैं कुछ लोग'

विद्यापति भवन में जुटे भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और दलित समाज के लोगों के बीच जीतन राम मांझी ने आरक्षण और दलित राजनीति के मुद्दे पर चिराग पासवान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:

"कुछ लोग आज खुद को आरक्षण का बड़ा हितैषी बताते हैं, लेकिन सच यह है कि वे सिर्फ नाखून काटकर शहीद का दर्जा लेना चाहते हैं। दावों के उलट जमीनी हकीकत यह है कि दलित समाज की स्थिति आज भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है।"

सीट शेयरिंग पर छलका दर्द: 'मुझे सिर्फ झुनझुना मिला'

भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री मांझी की नाराजगी सिर्फ चिराग तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने भाजपा (BJP) के खिलाफ भी अपना दर्द बयां किया। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के बंटवारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

"मुझे विधानसभा सीट के नाम पर सिर्फ एक झुनझुना पकड़ा दिया गया। जबकि दूसरी तरफ, सरकार के खिलाफ मुखर होकर और दबाव की राजनीति करके उन्होंने (चिराग) कहीं ज्यादा सीटें हासिल कर लीं।"

संसद में सिर्फ चंद्रशेखर आजाद उठा रहे दलितों की आवाज

दलित राजनीति का जिक्र करते हुए जीतन राम मांझी ने नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की जमकर तारीफ की। मांझी ने कहा कि आज संसद में दलितों के हक और उनके मुद्दों पर कोई खुलकर नहीं बोलता है, केवल चंद्रशेखर आजाद ही हैं जो मजबूती से दलित समाज की बात रख रहे हैं।

बेटे संतोष सुमन को नसीहत और दलितों को 'बुद्धिस्ट' बनने की सलाह

मांझी ने मंच से अपने बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन को भी सार्वजनिक रूप से राजनीति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने सलाह देते हुए कहा:

"मेरा बेटा फिलहाल मुद्दे की राजनीति नहीं कर रहा है। राजनीति में 'मुद्दों' पर अड़े रहना बेहद जरूरी है। अगर हमारी पार्टी कोर मुद्दों पर काम करेगी, तभी शीर्ष पर पहुंच पाएगी।"

दलित समाज में एकजुटता का आह्वान करते हुए उन्होंने एक बड़ा बयान दिया। मांझी ने कहा कि अगर आपसे जाति का बंधन नहीं टूट रहा है, तो हिंदू समाज छोड़कर 'बुद्धिस्ट' (बौद्ध) हो जाएं।

सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन में खड़े हुए मांझी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हो रहे हमलों के बीच जीतन राम मांझी उनके बचाव में उतरे। उन्होंने कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी आज कुछ लोगों की आंख का कांटा बने हुए हैं, इसीलिए उनकी पुलिस की सख्त कार्रवाई पर बेवजह के विशेष सवाल उठाए जा रहे हैं।

इस बैठक और मांझी के तीखे बयानों से साफ है कि बिहार एनडीए के भीतर सीटों और दलित लीडरशिप को लेकर अंदरूनी खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।