गुवाहाटी/जोरहाट: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए विपक्षी खेमे से बड़ी हलचल सामने आई है। लगातार दलबदल की मार झेल रही कांग्रेस को आखिरकार रायजोर दल का साथ मिल गया है। जोरहाट में हुई एक अहम बैठक में दोनों दलों ने सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगा दी है। इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करना है।
सीटों का गणित: 11 पर समझौता, 2 पर 'दोस्ताना' जंग
गुरुवार देर रात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई के बीच हुए समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
रायजोर दल के लिए सीटें: कांग्रेस ने अपने कोटे से 11 सीटें रायजोर दल के लिए छोड़ी हैं।
दोस्ताना मुकाबला: गोलपारा (पूर्व) और गौरीपुर सीटों पर दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ 'दोस्ताना' चुनाव लड़ेंगे।
प्रमुख सीटें: अखिल गोगोई अपनी पारंपरिक सीट सिबसागर से मैदान में उतरेंगे। वहीं, मार्घेरिटा सीट भी रायजोर दल के खाते में गई है।
भाजपा को घेरने के लिए 6 दलों का 'चक्रव्यूह'
असम में भाजपा-आरएसएस के प्रभाव को रोकने के लिए कांग्रेस ने एक व्यापक गठबंधन तैयार किया है। इसमें कुल 6 पार्टियां शामिल हैं:
कांग्रेस (87 सीटों पर चुनाव लड़ेगी)
रायजोर दल
असम जातीय परिषद (AJP - 10 सीटें)
CPI(M) (2 सीटें)
ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC - 2 सीटें)
CPI(ML)
"नया असम बनाना है, किसी एक परिवार का नहीं"
समझौते के बाद गौरव गोगोई ने भावुक अपील करते हुए कहा कि गठबंधन का उद्देश्य एक ऐसा 'नया असम' बनाना है जहाँ सबका विकास हो, न कि सिर्फ एक व्यक्ति या परिवार का। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी के लिए सीटें छोड़ना मुश्किल था, लेकिन राज्य के भविष्य के लिए यह समझौता जरूरी था।
वहीँ, रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा:
"हमारा उद्देश्य हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार को हटाना और गौरव गोगोई को नया मुख्यमंत्री बनाना है। भाजपा ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाया है, जिसका जवाब जनता देगी।"
चुनावी शेड्यूल पर एक नजर
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है:
मतदान की तारीख: 9 अप्रैल, 2026
परिणाम (वोटों की गिनती): 4 मई, 2026
मार्घेरिटा सीट पर समीकरण तब बदले जब कांग्रेस के पूर्व नेता प्रद्युमन बारदोलोई के भाजपा में जाने के बाद उनके बेटे प्रतीक ने टिकट वापस कर दिया, जिससे यह सीट रायजोर दल की झोली में आ गई। अब देखना होगा कि गोगोई बनाम सरमा की इस जंग में असम की जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है।





