भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और वर्चस्व की जंग एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। राजधानी भोपाल में आयोजित अनुसूचित जाति (SC) विभाग की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच हुई 'सियासी बयानबाजी' ने पार्टी के भीतर के नए समीकरणों को हवा दे दी है। दिग्विजय सिंह ने जहाँ पटवारी की दिल्ली दरबार में पकड़ पर कटाक्ष किया, वहीं पटवारी ने खुद को उनका 'चेला' बताकर स्थिति संभालने की कोशिश की।
"वेणुगोपाल से कुछ भी लिखवा सकते हैं पटवारी"
बैठक को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने जीतू पटवारी की केंद्रीय नेतृत्व, खासकर एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ नजदीकियों पर सीधा निशाना साधा। सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा:
"एआईसीसी में जितनी पकड़ जीतू पटवारी की है, उतनी तो मेरी भी नहीं है। आप केसी वेणुगोपाल से जो कहोगे, वह लिखवाकर ले आओगे। आप जितने प्रिय उनके हो, उतना कोई और प्रदेश अध्यक्ष पूरे देश में नहीं मिलेगा।"
गुरु-चेला और शक्कर का तड़का
दिग्विजय सिंह के इस तीखे प्रहार पर जीतू पटवारी ने विनम्रता दिखाते हुए कहा, "मैं तो आपका ही चेला हूँ।" इस पर दिग्विजय ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "अब गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर हो गया।" इस मजाकिया लहजे में कही गई बात के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, जिसे संगठन के भीतर बदलते शक्ति संतुलन के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठनात्मक नियुक्तियों पर उठाए सवाल
हंसी-मजाक के बीच दिग्विजय सिंह ने गंभीर मुद्दे भी उठाए। उन्होंने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में वाल्मीकि और बसोड़ समाज की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
उपेक्षा का आरोप: सिंह ने कहा कि संगठन में इन समाजों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
पटवारी को निर्देश: उन्होंने मंच से ही पटवारी को टोकते हुए कहा, "जीतू भाई, आप तो एआईसीसी से अपॉइंट करवा दो, हमें आप पर पूरा भरोसा है।"
नाराजगी दूर करने बंगले पहुँचे पटवारी
बैठक के बाद अपनी 'नाराजगी' की खबरों को भांपते हुए जीतू पटवारी देर शाम दिग्विजय सिंह के सरकारी निवास पहुँचे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और बंद कमरे में चर्चा की। सियासी जानकारों का मानना है कि पटवारी जानते हैं कि बिना दिग्विजय सिंह के सहयोग के प्रदेश में संगठन चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
बीजेपी का तंज: "यह गृह युद्ध की स्थिति"
इस घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर 'गृह युद्ध' जैसे हालात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल परिवारवाद की राजनीति करती है और अनुसूचित जाति वर्ग का इस्तेमाल सिर्फ दिखावे के लिए करती है।
बैठक में मौजूदगी: इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और कमलेश्वर पटेल सहित कई दिग्गज नेता उपस्थित थे।





