चंडीगढ़: हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव के परिणामों को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच रिटर्निंग अधिकारी (RO) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान से लेकर मतगणना और प्रमाण पत्र वितरण तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नियमबद्ध और वीडियोग्राफी के साये में संपन्न हुई है।

"नियमों के दायरे में हुआ काम, चुनाव आयोग भी संतुष्ट"

कांग्रेस द्वारा निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए पंकज अग्रवाल ने कहा कि हर चुनाव में 'राजनीतिक प्रोपगेंडा' होता है, लेकिन एक अधिकारी के रूप में उन्होंने केवल कानून का पालन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा:

"पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। मतदान केंद्र में सभी दलों के प्रतिनिधि अंत तक मौजूद थे। केंद्रीय चुनाव आयोग भी मेरी कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट है, फिर धांधली का सवाल ही नहीं उठता।"

5 वोट रद्द होने का असली कारण

चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत के बीच पंकज अग्रवाल ने बताया कि कुल 5 वोट रद्द हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटों के रद्द होने के मुख्य कारण मतपत्र पर निशान बनाना और गोपनीयता (Secrecy) का उल्लंघन रहे। हालांकि, उन्होंने क्रॉस वोटिंग पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक दलों का आंतरिक मामला बताया।

मतगणना में देरी पर सफाई

विधायकों द्वारा प्रक्रिया बाधित करने के आरोपों पर आरओ ने कहा कि दोपहर पौने तीन बजे तक लगभग सभी वोट पड़ चुके थे। केवल दो विधायकों का इंतजार 4 बजे तक किया गया। इसके बाद, राजनीतिक दलों की आपत्तियों का निस्तारण केंद्रीय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया, जिसके बाद ही मतगणना शुरू हुई।

तबादले पर बोले— "मैं प्रशासनिक अधिकारी हूं, राजनीतिक नहीं"

चुनाव के तुरंत बाद महत्वपूर्ण विभाग मिलने और विपक्ष द्वारा इसे 'पुरस्कार' बताए जाने पर अग्रवाल ने स्पष्ट किया:

"एक आईएएस अधिकारी के रूप में सरकार द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरा करना मेरा दायित्व है।"

उन्होंने सिंचाई, जल संसाधन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी को एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: एक नजर में नतीजे और समीकरण

विजेतापार्टी/समर्थनटिप्पणी
संजय भाटियाभाजपा (BJP)स्पष्ट जीत
कर्मवीर बौद्धनिर्दलीयसतीश नांदल को 0.44 मतों के अंतर से हराया

प्रमुख बिंदु:

क्रॉस वोटिंग: कांग्रेस के 5 विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में वोट दिया, जिन्हें अब 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है।

रद्द वोट: कुल 5 वोट रद्द हुए (4 कांग्रेस और 1 भाजपा विधायक)।

दूरी बनाई: इनेलो के दोनों विधायकों (अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल) ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

सदन की स्थिति: कुल 90 सीटें (भाजपा-48, कांग्रेस-37, इनेलो-02, निर्दलीय-03)।

निष्कर्ष: रिटर्निंग अधिकारी के इस स्पष्टीकरण के बाद अब गेंद चुनाव आयोग और कानूनी विशेषज्ञों के पाले में है, जबकि कांग्रेस इस मामले को लेकर राज्यपाल तक पहुंच चुकी है।