पंचकूला: हरियाणा की सियासत में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद उबाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्टी के पांच विधायकों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हुड्डा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि इन विधायकों ने जनमत और लोकतंत्र के साथ धोखा किया है, जिसके लिए उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
"वोट चोरी का अपराध": भाजपा पर तीखा हमला
विधानसभा में पत्रकारों से रूबरू होते हुए हुड्डा ने सत्ताधारी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
"विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा 'वोट चोरी' के अपने पुराने ढर्रे पर उतर आई है। संख्याबल न होने के बावजूद अपना उम्मीदवार उतारना यह दर्शाता है कि भाजपा को लोकतंत्र में नहीं, बल्कि केवल अनैतिक हथकंडों पर भरोसा है।"
क्रॉस वोटिंग और पार्टी की कार्रवाई
हुड्डा ने पुष्टि की कि पार्टी के विरुद्ध जाकर क्रॉस वोटिंग करने वाले पांचों विधायकों के नाम कांग्रेस हाईकमान को भेज दिए गए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि ये विधायक स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी आगामी दिनों में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। साथ ही, उन्होंने बादली विधायक कुलदीप वत्स के वोट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और गलत प्रचार करार दिया।
रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका पर उठे सवाल
कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर पर भाजपा के 'एजेंट' के रूप में काम करने का आरोप लगाया।
वैध वोट रद्द: कांग्रेस का दावा है कि उनके चार वैध वोटों को जानबूझकर रद्द किया गया, जबकि रिटर्निंग ऑफिसर उन्हें पहले स्वीकार कर चुके थे।
विपक्ष की एकजुटता: हुड्डा ने कहा कि तमाम सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के बावजूद कांग्रेस के वफादार विधायकों की एकजुटता ने भाजपा के मंसूबों को नाकाम कर दिया और अंततः कांग्रेस उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे।
सदन में टकराव: चर्चा से भाग रही सरकार?
हुड्डा ने विधानसभा के भीतर सरकार के रवैये की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक राज्यसभा चुनाव में हुई 'अनैतिकता' पर चर्चा की मांग कर रहे थे, तो उन्हें 'नेम' करके सदन से बाहर निकाल दिया गया। हुड्डा के अनुसार, भाजपा का चर्चा से भागना इस बात का प्रमाण है कि "उसके मन में चोर है।"
मुख्य बिंदु: एक नजर में
चेतावनी: पांच बागी विधायकों को इस्तीफे की सलाह, वरना होगी बर्खास्तगी।
आरोप: भाजपा पर सरकारी मशीनरी और रिटर्निंग ऑफिसर के दुरुपयोग का आरोप।
नतीजा: चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की जीत को वफादारी की जीत बताया।





