पंचकूला | हरियाणा में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में हुई कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक ने पार्टी आलाकमान की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बैठक से 5 प्रमुख विधायकों की अनुपस्थिति के बाद पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेश नेतृत्व रणनीति को चाक-चौबंद करने में जुट गया है।
बैठक से नदारद रहे 'पॉवरफुल' चेहरे
कांग्रेस के पास कुल 37 विधायक हैं, जिनमें से केवल 32 ही सोमवार रात की बैठक में शामिल हुए। अनुपस्थित रहने वाले विधायकों में ये बड़े नाम शामिल हैं:
विनेश फोगाट (जुलाना)
कुलदीप वत्स (बादली)
भरत सिंह बेनीवाल (ऐलनाबाद)
आदित्य सुरजेवाला (कैथल)
चंद्र मोहन बिश्नोई (पंचकूला)
विशेषज्ञों का मानना है कि आदित्य सुरजेवाला और चंद्र मोहन बिश्नोई को हुड्डा विरोधी खेमे का माना जाता है, जिससे गुटबाजी की चर्चाओं को बल मिल रहा है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि ये सभी विधायक पूर्व सूचना देकर अपने निजी कार्यों से बाहर गए थे।
हुड्डा का पलटवार: 'भाजपा के संपर्क में हैं हमारे लोग'
विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की जीत तय है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, "अगर क्रॉस वोटिंग की कोई संभावना है, तो वह भाजपा के भीतर होगी। भाजपा के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं।" हुड्डा ने इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला को भी सलाह दी कि यदि वे कांग्रेस या भाजपा किसी को वोट नहीं देना चाहते, तो उन्हें चुनाव से दूरी बना लेनी चाहिए।
13 मार्च को 'निर्णायक' डिनर और 'शिफ्टिंग' का प्लान
पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के बीच घंटों चली मंत्रणा के बाद अब 13 मार्च को सभी 37 विधायकों के लिए डिनर आयोजित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विधायकों को भाजपा की संभावित 'सेंधमारी' से बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश या कर्नाटक शिफ्ट करने पर अंतिम मुहर लग सकती है।
जीत का गणित और निर्दलीय चुनौती
कांग्रेस को चाहिए: 31 प्रथम वरीयता के वोट (पास में 37 हैं)।
चुनौती: भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल की नजरें कांग्रेस खेमे में संभावित सेंधमारी पर टिकी हैं।
इनेलो की भूमिका: इनेलो के दो विधायकों, अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।
"कोई कहीं नहीं जा रहा है। हमारे सभी विधायक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में एकजुट हैं। शिफ्टिंग की बात तब उठती है जब हमें कोई कमजोरी लगे। हमें तो लगता है कि हम ही भाजपा के विधायक तोड़ लेंगे।" — राव नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस
अगला अपडेट: राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को होगा। क्या कांग्रेस अपने सभी 37 मतों को सुरक्षित रख पाएगी या 'हॉर्स ट्रेडिंग' की आशंका सच साबित होगी?





