कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजनीति आज एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। मध्य कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक भिड़ंत हुई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली जनसभा से महज 5 किलोमीटर दूर और कुछ ही घंटे पहले हुई।

कैबिनेट मंत्री शशि पांजा पर हमला

टीएमसी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री की रैली में जा रहे बीजेपी समर्थकों ने सेंट्रल एवेन्यू स्थित कैबिनेट मंत्री शशि पांजा के आवास को निशाना बनाया।

हमले का स्वरूप: मंत्री शशि पांजा ने दावा किया कि उनके घर पर पत्थरबाजी की गई और उन्हें खुद ईंट मारकर घायल किया गया।

संपत्ति का नुकसान: हमले में उनकी निजी कार के शीशे तोड़ दिए गए और घर के बाहर लगे टीएमसी के झंडे-बैनर फाड़ दिए गए।

घायलों की संख्या: टीएमसी का दावा है कि उनके करीब 50 कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विरोध में शशि पांजा ने घटनास्थल पर ही धरने पर बैठने की घोषणा की है।

बीजेपी का पलटवार: "हम पर हुआ पहले हमला"

दूसरी ओर, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जब वे बस से रैली स्थल की ओर जा रहे थे, तब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर पथराव शुरू किया।

बीजेपी समर्थकों का कहना है कि उनकी बस में तोड़फोड़ की गई और कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।

उन्होंने पुलिस पर 'मूकदर्शक' बने रहने का आरोप लगाया है।

सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई

हिंसा की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। झड़प के दौरान बाउबाजार थाना के ओसी (Officer-in-Charge) सहित कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। चुनाव से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

प्रधानमंत्री का मेगा शो: ₹18,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स

इस हंगामे के बीच, प्रधानमंत्री मोदी आज कोलकाता को विकास की बड़ी सौगात दे रहे हैं:

परियोजनाएं: कुल 18,680 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन।

प्रमुख क्षेत्र: सड़क परिवहन, रेलवे विस्तार और बंदरगाहों (Ports) का आधुनिकीकरण।

राजनीतिक संदेश: विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यह दौरा राज्य की ममता सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

निष्कर्ष: एक तरफ जहां प्रधानमंत्री 'विकास' के एजेंडे के साथ बंगाल की जनता के बीच हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर हो रही हिंसा यह दर्शाती है कि बंगाल चुनाव की जंग काफी तीखी होने वाली है।