नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी में आज (सोमवार) होने वाली विपक्षी 'INDI' गठबंधन की हाई-प्रोफाइल बैठक में वामपंथी दल सीपीआई (एम) शामिल तो होने जा रहा है, लेकिन कांग्रेस के साथ उसके रिश्ते फिलहाल तल्ख नजर आ रहे हैं। इस बैठक में सीपीआई (एम) का प्रतिनिधित्व पार्टी के राज्यसभा नेता जॉन ब्रिटास करेंगे। हालांकि, पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर अभी भी आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रही है।

खरगे को पत्र: "बीजेपी के साथ सांठगांठ" के आरोपों पर मांगी सफाई

न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, सीपीआई (एम) के महासचिव एम.ए. बेबी ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक कड़ा पत्र लिखा था। इस पत्र में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं—राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और खुद खरगे—के उन बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया गया है, जिसमें केरल में सीपीआई (एम) और बीजेपी के बीच कथित तौर पर गुप्त 'राजनीतिक समझ' होने का दावा किया गया था।

"कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए ये आरोप महज चुनावी बयानबाजी से कहीं आगे थे। ऐसे आरोप विपक्षी गठबंधन की सहयोगात्मक भावना की जड़ों पर चोट करते हैं और बीजेपी को मिलकर चुनौती देने के हमारे साझा संकल्प पर सवाल खड़े करते हैं।"

– एम.ए. बेबी, महासचिव, सीपीआई (एम) [पत्र का अंश]

सीपीआई (एम) सूत्रों का कहना है कि इस पत्र की एक-एक प्रति गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों को भी भेजी गई थी। चूंकि कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है, इसलिए पूरी संभावना है कि जॉन ब्रिटास आज की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।

गठबंधन में दरार! बैठकों से दूरी और बहिष्कार का दौर

हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कई राज्यों के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं, जिसका असर 'INDI' ब्लॉक की एकजुटता पर साफ दिख रहा है।

दल / पार्टीबैठक को लेकर वर्तमान रुख
सीपीआई (एम)बैठक में शामिल होगी, लेकिन केरल मुद्दे पर कांग्रेस से जवाब मांगेगी।
डीएमके (DMK)द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने इस सप्ताह होने वाली बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
आम आदमी पार्टी (AAP)'आप' ने सार्वजनिक रूप से खुद को इस गठबंधन से पूरी तरह अलग कर लिया है।

आज की बैठक का एजेंडा: सरकार को घेरने की साझा रणनीति

संसद सत्र से ठीक पहले हो रही इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र की बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ संसद के भीतर और बाहर एक संयुक्त रणनीति तैयार करना है। हालिया विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में टीएमसी और डीएमके को सत्ता से बाहर होना पड़ा है, जिसके बाद विपक्ष के भीतर तालमेल को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद चल रही है।

बैठक में शामिल होने वाले संभावित दिग्गज:

मल्लिकार्जुन खरगे व राहुल गांधी (कांग्रेस)

ममता बनर्जी व अभिषेक बनर्जी (टीएमसी प्रमुख)

उद्धव ठाकरे (शिवसेना यूबीटी)

अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी अध्यक्ष)

केरल के चुनावी विवाद के बाद, आज की यह बैठक केवल सरकार विरोधी रणनीति बनाने के लिहाज से ही नहीं, बल्कि विपक्षी कुनबे के अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझाने की कसौटी के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।