चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा पाला बदले जाने के बाद पंजाब की सियासत में उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। सीएम मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब की जनता धोखेबाजों को कभी माफ नहीं करेगी और ऐसे लोगों के जाने से पार्टी की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
"भाजपा जिसे गले लगाती है, उसे ही निगल जाती है"
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा की विस्तारवादी नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा जिससे भी हाथ मिलाती है या जिसका विलय करती है, अंततः उसे निगल जाती है। उन्होंने कहा, "हम अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं। जो लोग गए हैं, वे अपने राजनीतिक हितों या जनता की सेवा के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान और व्यवसाय बचाने के लिए भाजपा की शरण में गए हैं।"
मान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और मनप्रीत बादल जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता के बीच इनका कोई आधार नहीं बचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन व्यक्ति से बड़ा होता है और पंजाब की जनता का प्यार किसी भी कीमत पर खरीदा नहीं जा सकता।
छापेमारी को बताया साजिश का हिस्सा
सांसद मीत हेयर ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अशोक मित्तल और संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर हुई छापेमारी एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जांच एजेंसियों का डर दिखाकर विपक्षी नेताओं को अपने पाले में करने का खेल खेल रही है।
लोकतंत्र का गला घोंटने वाला 'भाजपा मॉडल'
सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से देश में 'लोकतंत्र का गला घोंटने' का एक ही मॉडल चल रहा है। उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा, अजीत पवार और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि चुनाव से पहले ईडी और सीबीआई के जरिए डराना या लालच देना भाजपा की पुरानी रणनीति है।
राघव चड्ढा के संदर्भ में बोलते हुए मीत हेयर ने कहा, "जिस नेता को अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय पहचान दी, उनका इस तरह पार्टी छोड़ना नैतिकता के पूरी तरह खिलाफ है।"
मुख्य बिंदु:
साजिश का आरोप: आप नेताओं ने भाजपा पर ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
नैतिकता पर सवाल: राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के पार्टी छोड़ने को विश्वासघात करार दिया।
अटल विश्वास: मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है, वहां केवल जनता का शासन चलेगा।





