तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव के चुनावी शंखनाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए राज्य के विकास और महिला सशक्तिकरण का नया विजन साझा किया। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और वामपंथी दलों (लेफ्ट) को आड़े हाथों लिया और केरल की प्रगति में बाधक बन रहे भ्रष्टाचार को दूर करने का आह्वान किया।

नारी शक्ति: विकास का नया आधारस्तंभ

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के केंद्र में हमेशा महिलाएँ रही हैं।

बुनियादी सुधार: घर-घर शौचालय, जनधन खाते और पीएम आवास योजना के तहत घरों का मालिकाना हक महिलाओं को देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

आर्थिक स्वावलंबन: 'मुद्रा लोन' और 'लखपति दीदी' जैसे अभियानों ने करोड़ों महिलाओं को उद्यमी बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: पीएम मोदी ने बताया कि 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले संसद सत्र में महिला आरक्षण पर विशेष चर्चा होगी। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करें।

विपक्ष पर प्रहार: "भाजपा ही केरल की असली 'ए-टीम'"

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और लेफ्ट के बीच के चुनावी गठबंधन और आपसी खींचतान पर तंज कसते हुए कहा:

"कांग्रेस और लेफ्ट एक-दूसरे को भाजपा की 'बी टीम' बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि केरल के विकास और सुरक्षा के लिए भाजपा ही एकमात्र 'ए-टीम' है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक राजनीति और भ्रष्टाचार के कारण केरल का युवा आज पलायन करने को मजबूर है। राज्य में स्टार्टअप, उद्योग और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देना भाजपा की प्राथमिकता है।

सुरक्षा और कूटनीति: पश्चिम एशिया संकट पर कांग्रेस को घेरा

पश्चिम एशिया (गल्फ देशों) के संघर्षपूर्ण हालातों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों की कड़ी आलोचना की।

भारतीयों की सुरक्षा: उन्होंने कहा कि भारत के खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण ही वहां भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। कांग्रेस के बयान इस सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन: गोवा, केरल और तमिलनाडु के जो मछुआरे ईरान और अन्य देशों में फंसे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री का यह दौरा केरल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और विकास का संकल्प है। अब देखना यह होगा कि केरल की जनता इस 'ए-टीम' के आह्वान पर अपना क्या फैसला सुनाती है।