नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर 'दोहरे चरित्र' का आरोप लगाया और कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार का रोना रोना बंद करे और टैक्स के रूप में जुटाई गई भारी-भरकम राशि से जनता को राहत दे।

"12 सालों में वसूला 44 लाख करोड़ का टैक्स"

संजय सिंह ने भाजपा समर्थकों और विशेषज्ञों द्वारा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दिए जा रहे तर्कों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को घेरा:

भारी-भरकम टैक्स वसूली: पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने टैक्स बढ़ाकर देश की जनता से करीब 44 लाख करोड़ रुपए वसूले हैं।

कंपनियों का मुनाफा: तेल कंपनियों ने इस दौरान 3.50 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा कमाकर अपनी तिजोरियां भरी हैं।

"जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम घटकर 20 से 30 डॉलर प्रति बैरल के सबसे निचले स्तर पर आ गया था, तब मोदी सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल सस्ता क्यों नहीं किया? तब टैक्स क्यों नहीं घटाया गया? आज जब तेल कंपनियों को घाटे का हवाला दिया जा रहा है, तो सरकार अपने इसी मुनाफे और टैक्स के पैसे से सब्सिडी देकर महंगाई पर काबू क्यों नहीं करती?"संजय सिंह, राज्यसभा सांसद, AAP

विदेश नीति पर उठाए सवाल, लगाया 'सरेंडर' करने का आरोप

संजय सिंह ने ईंधन की कीमतों में आ रही तेजी के पीछे केंद्र सरकार की राजनयिक विफलताओं को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक दबाव के सामने घुटने टेकने की वजह से देश को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि रूस भारत को सस्ता कच्चा तेल देने को तैयार है, लेकिन अमेरिकी दबाव के आगे सरेंडर होने की वजह से मोदी सरकार वहां से सस्ता तेल नहीं खरीद पा रही है, जिससे देश की संप्रभुता पर भी आंच आ रही है।

कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की कीमतों पर घेरा

आप सांसद ने कहा कि देश में यह माहौल बनाया जा रहा है कि लोग महंगाई को 'देशभक्ति' समझकर चुपचाप बर्दाश्त करें। उन्होंने सवाल उठाया:

सिलेंडर की मार: "जनवरी में तो कोई वैश्विक युद्ध या बड़ा संकट शुरू नहीं हुआ था, फिर जो कमर्शियल सिलेंडर तब ₹1500 का मिलता था, वह आज ₹3100 का कैसे हो गया?"

गरीबों पर बोझ: छात्र, मजदूर और गरीब तबके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलो वाले छोटे घरेलू सिलेंडर की कीमतों में भी ₹261 की भारी बढ़ोतरी की गई है।

संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लिए महंगाई अब एक 'कल्याणकारी योजना' बन चुकी है। यदि कंपनियां कुछ समय के लिए मुनाफा नहीं कमाकर जनता को छूट देंगी तो वे बीमार नहीं होंगी, लेकिन अगर सरकार ने राहत नहीं दी तो देश की जनता महंगाई से जरूर बीमार हो जाएगी।

सोना न खरीदने की सलाह और 'मंगलसूत्र' पर तंज

प्रधानमंत्री के हालिया बयानों पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि देश के करोड़ों लोग और कारीगर सोने के व्यापार से जुड़े हैं। अकेले पश्चिम बंगाल में कम से कम 10 लाख स्वर्ण कारीगर हैं। ऐसे में जनता को सोना न खरीदने की सलाह देकर सरकार ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है।

"प्रधानमंत्री सलाह दे रहे हैं कि खाने का तेल, गाड़ी का तेल और सोना न खरीदें तथा विदेश यात्राएं न करें। देश के 80 करोड़ लोग जो 5 किलो सरकारी राशन पर जिंदा हैं, वे क्या सोना खरीद रहे हैं या विदेश यात्राएं कर रहे हैं? विदेश तो नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे लोग देश का पैसा लूटकर जाते हैं। प्रधानमंत्री खुद रोज विदेशों में दौड़ते हैं। पहले वे कहते थे कि विपक्ष आपका मंगलसूत्र छीन लेगा, और अब खुद जनता से कह रहे हैं कि मंगलसूत्र (सोना) न खरीदें। यह उनका दोहरा चरित्र दिखाता है।"संजय सिंह, राज्यसभा सांसद, AAP