मुंबई।

महाराष्ट्र की सियासत में दल-बदल की आंधी के बीच अब एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नवनिर्वाचित सांसद संजय दीना पाटिल पर मीडियाकर्मियों को भद्दी गालियां देने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए इस हमले के बाद जब बवाल और राजनीतिक दबाव बढ़ा, तो खुद राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को डैमेज कंट्रोल के लिए सामने आना पड़ा और उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस घटना के लिए माफी मांगी।

इन दो तीखे सवालों पर 'माननीय' ने खोया आपा

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुवार को पत्रकारों ने सांसद संजय दीना पाटिल से उनकी हालिया राजनीतिक गतिविधियों को लेकर दो बेहद तल्ख सवाल पूछे:

बेटी का बगावती स्टैंड: पत्रकारों का पहला सवाल पाटिल की बेटी और कॉर्पोरेटर राजुल पाटिल को लेकर था। राजुल ने साफ कर दिया है कि भले ही उनके पिता ने पाला बदल लिया हो, लेकिन वह खुद उद्धव ठाकरे की पार्टी (शिवसेना UBT) के साथ ही वफादार रहेंगी।

संजय राउत की पुलिस से शिकायत: दूसरा सवाल उद्धव गुट के फायरब्रांड नेता संजय राउत की उस चिट्ठी से जुड़ा था, जो उन्होंने मुंबई पुलिस को लिखी है। इस चिट्ठी में राउत ने मांग की है कि पाटिल के उस पुराने और विवादित बयान पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'दल-बदल का विरोध करने वालों पर वह बम फेंकेंगे और घरों में घुसकर मारेंगे'।

जैसे ही पत्रकारों ने ये सवाल दागे, सांसद पाटिल अपना आपा खो बैठे। उन्होंने मर्यादाओं को ताक पर रखकर पत्रकारों को गाली दी और कहा, "तुम लोग मेरे मामलों में अपनी नाक क्यों घुसा रहे हो? अगर दोबारा आए, तो जान से मार डालूंगा।"

पार्टी बदलने के बाद से ही चर्चा में हैं पाटिल

गौरतलब है कि संजय दीना पाटिल उन छह लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने बीते 21 जून को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामा था। पाला बदलने के बाद से ही वह विपक्ष और मीडिया के निशाने पर थे, लेकिन पत्रकारों के साथ इस अभद्र व्यवहार ने मामले को और ज्यादा तूल दे दिया।

डिप्टी सीएम शिंदे को आना पड़ा सामने, मांगी माफी

सांसद की इस गुंडागर्दी पर जब मीडिया जगत और विपक्ष ने चौतरफा घेराबंदी शुरू की, तो सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई। राज्य विधानसभा परिसर के बाहर जब पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरा, तो उन्होंने स्थिति को संभालते हुए कहा:

"संजय दीना पाटिल का इरादा पत्रकारों का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था। अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्होंने खुद माफी मांगने की इच्छा जताई है। मैंने पाटिल से साफ कह दिया है कि अगर आपके मुंह से कोई गलत बात निकली है, तो आपको माफी मांगनी ही होगी। मीडिया के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।"

उपमुख्यमंत्री के इस दखल के बाद भले ही सरकार ने मामले को शांत करने की कोशिश की हो, लेकिन पत्रकारों को सरेआम धमकी देने के इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।