धनबाद। धनबाद नगर निगम (DMC) के चुनाव हुए अभी महज चार महीने ही बीते हैं, लेकिन शहर की सरकार में भारी असंतोष और बगावत के सुर बुलंद हो गए हैं। फरवरी 2026 में मेयर चुने गए संजीव सिंह और निगम प्रशासन के खिलाफ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों का आरोप है कि निगम में जनता की बुनियादी समस्याओं को दरकिनार कर केवल 'ठेका-पट्टी' को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों के इस अड़ियल और उपेक्षापूर्ण रवैये से नाराज निगम के 55 में से 22 वार्ड पार्षदों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

पाथर बांग्ला में हुई आपात बैठक, रणनीति तैयार

अधिकारियों द्वारा विकास कार्यों की लगातार की जा रही अनदेखी के विरोध में रविवार देर शाम वार्ड संख्या 41 स्थित आयुष्मान केंद्र, पाथर बांग्ला में पार्षदों की एक आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता वार्ड संख्या 13 की पार्षद कर्मी देवी ने की और संचालन वार्ड संख्या 10 के पार्षद देवाशीष पासवान ने किया। इस बैठक में 22 वार्डों के पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर निगम प्रशासन के खिलाफ अपनी एकजुटता का शंखनाद किया।

"न मेयर सुन रहे हैं, न नगर आयुक्त"— पार्षदों का फूटा गुस्सा

बैठक में पार्षदों ने निगम के शीर्ष नेतृत्व पर तीखे प्रहार किए। पार्षदों का सीधा आरोप है कि:

जनता द्वारा चुनी गई समस्याओं और शिकायतों को न तो मेयर संजीव सिंह सुन रहे हैं और न ही नगर आयुक्त।

जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता देने के बजाय केवल निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी को तरजीह दी जा रही है।

शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने की जगह लगातार कटौती की जा रही है।

सड़क, नाली निर्माण और जलभराव जैसी बुनियादी विकास योजनाएं पूरी तरह ठप हैं, जिसके कारण पार्षदों को अपने ही क्षेत्रों में जनता के भारी आक्रोश और विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

1 जुलाई को बेकार बांध में महाबैठक; बनेगा 'एकता मंच'

निगम प्रशासन के तानाशाही रवैये को चुनौती देने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बागी पार्षदों ने अब 'एकता मंच' का गठन करने का निर्णय लिया है। आगामी बोर्ड बैठक से पहले अपनी रणनीति को और धार देने के लिए 1 जुलाई को डिप्टी मेयर के नेतृत्व में बेकार बांध में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है।

पार्षदों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि निगम प्रशासन ने तत्काल अपना रवैया नहीं बदला और विकास कार्यों को गति नहीं दी, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद

इस आपात बैठक में अपनी आवाज बुलंद करने वालों में मुख्य रूप से पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें निसार आलम, जय कुमार, सुनीत कुमार सिंह, शैलेंद्र सिंह, अनुरंजन सिंह, मुनिलाल रविदास, संजय यादव, आफताब आलम, अजीत महतो, निरंजन कुमार, बीरेन्द्र यादव, रश्मि राज और शमीम अख्तर सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।

सियासी गलियारों में हलचल फरवरी 2026 के निकाय चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में पार्षद एकजुट होकर मेयर और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। 1 जुलाई की बैठक के बाद धनबाद की स्थानीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ आना तय माना जा रहा है।