तिरुवनंतपुरम | केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के एक चरण के मतदान से पहले राजनीति के अपराधीकरण और धनबल को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और केरल इलेक्शन वॉच द्वारा जारी ताजा विश्लेषण के अनुसार, राज्य के मौजूदा 132 विधायकों में से 70 प्रतिशत दागी छवि के हैं। इस रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

अपराध का साया: हत्या और रेप जैसे गंभीर आरोप

ADR द्वारा विधायकों के हलफनामों की जांच में पाया गया कि 132 में से 92 विधायकों (70%) के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं।

गंभीर मामले: 33 विधायकों (25%) पर हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जघन्य अपराध: 2 विधायकों पर हत्या (धारा 302) और 3 पर हत्या के प्रयास (धारा 307) के आरोप हैं।

महिलाओं के विरुद्ध अपराध: 3 विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले हैं, जिनमें से एक मामला रेप (बलात्कार) जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा है।

पार्टी-वार विश्लेषण: किस दल में कितने 'दागी'?

रिपोर्ट के मुताबिक, केरल की लगभग सभी प्रमुख पार्टियों में दागी विधायकों का अनुपात काफी अधिक है:

राजनीतिक दलकुल विधायक (विश्लेषण)आपराधिक मामले वाले विधायकप्रतिशत
CPI (M)584374%
कांग्रेस (INC)211990%
IUML141286%
CPI160744%

धनबल: आधे से ज्यादा विधायक 'करोड़पति'

केरल के विधायकों की आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत नजर आती है। विश्लेषण में शामिल 55 प्रतिशत (72 विधायक) करोड़पति की श्रेणी में आते हैं।

औसत संपत्ति: केरल के एक विधायक की औसत संपत्ति ₹2.75 करोड़ है।

सबसे अमीर विधायक: कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनादन सबसे धनी विधायक हैं, जिनकी कुल संपत्ति ₹34 करोड़ से अधिक है। उनके बाद निर्दलीय विधायक मणि सी. कप्पन (₹27 करोड़) का स्थान है।

सबसे कम संपत्ति: CPI(M) के पी.पी. सुमोद इस सूची में सबसे नीचे हैं, जिन्होंने मात्र ₹9.9 लाख की संपत्ति घोषित की है।

विशेषज्ञों की टिप्पणी: ADR की यह रिपोर्ट मतदाताओं को जागरूक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। चुनाव से ठीक पहले इन आंकड़ों का सामने आना राजनीतिक दलों को अपनी छवि सुधारने और टिकट वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए मजबूर कर सकता है।