चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में लंबे समय से जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस पार्टी से निष्कासन और लंबे राजनीतिक वनवास के बाद, उन्होंने 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' (Bharatiya Ras राष्ट्रवादी Party) के गठन की आधिकारिक घोषणा की है।
डॉ. सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर देर रात एक पोस्ट के जरिए अपने इस बड़े कदम की जानकारी साझा की।
न्याय और सकारात्मक बदलाव का विजन
अपनी नई पार्टी के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और नेताओं के कामकाज के गहराई से आकलन के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विकल्प देने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के मुख्य लक्ष्यों को इस प्रकार रेखांकित किया:
अधिकार और न्याय: समाज के हर वर्ग को उनके अधिकार दिलाना और न्याय सुनिश्चित करना।
शांति और प्रेम: नफरत की राजनीति के बजाय प्रेम और भाईचारे के माध्यम से बदलाव लाना।
सकारात्मक परिवर्तन: मौजूदा व्यवस्था में सुधार कर जनता को एक पारदर्शी विकल्प देना।
कांग्रेस से 'तलाक' और नई शुरुआत
नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस के साथ सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा।
फरवरी 2026: अनुशासनहीनता के आरोपों और लंबे समय से चल रहे निलंबन के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
इस्तीफे का बैकग्राउंड: दिलचस्प बात यह है कि पार्टी द्वारा निकाले जाने से कुछ दिन पहले ही उन्होंने खुद कांग्रेस छोड़ने का सार्वजनिक ऐलान कर दिया था।
भाजपा की अटकलें: कांग्रेस छोड़ने के बाद चर्चा थी कि वे दोबारा भाजपा में शामिल हो सकती हैं, लेकिन नई पार्टी की घोषणा ने इन सभी कयासों को खत्म कर दिया है।
राजनीति और आध्यात्मिकता के बीच का सफर
मार्च 2026 में डॉ. सिद्धू ने राजनीति छोड़कर संतों की सेवा करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने खमाणों स्थित संत रामपाल आश्रम का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने दहेज रहित विवाह और अंगदान जैसे सामाजिक कार्यों की सराहना की थी। हालांकि, अब उन्होंने समाज सुधार के लिए 'राजनीतिक मंच' को ही माध्यम चुना है।
पंजाब की सियासत पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धू परिवार का कांग्रेस से पूरी तरह अलग होना पंजाब की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। जहाँ कांग्रेस इसे अनुशासन कायम करने की रणनीति बता रही है, वहीं नवजोत कौर सिद्धू का यह कदम पंजाब के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर सकता है।
एक नज़र राजनीतिक सफर पर:
2012-2016: भाजपा में रहीं और अमृतसर से विधायक बनीं।
2016 (नवंबर): पति नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस में शामिल हुईं।
2026 (अप्रैल): खुद की 'भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी' की घोषणा।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के इस कदम से स्पष्ट है कि वे अब किसी भी बड़े राजनीतिक दल के साये में रहने के बजाय अपनी स्वतंत्र पहचान और विचारधारा के साथ जनता के बीच जाएँगी।





