पटना: बिहार की राजनीति ने एक बार फिर करवट ले ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिससे राज्य में चल रहे सियासी सस्पेंस पर फिलहाल विराम लग गया है। इस फैसले के साथ ही बिहार की राजनीति में एक बार फिर 'महा-गठबंधन' टूटने और नए समीकरणों के उभरने की सुगवाहट तेज हो गई है।
राजभवन में हलचल: कार्यवाहक रहेंगे नीतीश
नीतीश कुमार ने औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने को कहा है। राजभवन से बाहर निकलते ही सियासी गलियारों में बैठकों और रणनीतियों का दौर शुरू हो गया है।
क्यों बदले हालात?
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने यह फैसला राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन के भीतर बढ़ती असहजता के कारण लिया है। पिछले कुछ दिनों से सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों में हलचल तेज थी, जिसका परिणाम आज इस्तीफे के रूप में सामने आया।
नए गठबंधन की आहट
इस्तीफे के तुरंत बाद पटना से लेकर दिल्ली तक 'नए समीकरणों' पर चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर नए सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।
बैठकों का दौर: विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं ने आपात बैठकें बुला ली हैं।
संख्या बल का खेल: बहुमत के जादूई आंकड़े को छूने के लिए जोड़-तोड़ की कवायद जारी है।
विपक्ष की नजर: विपक्षी खेमा भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और अगले कदम की प्रतीक्षा कर रहा है।
सोशल मीडिया से सड़कों तक उत्सुकता
जैसे ही इस्तीफे की खबर फ्लैश हुई, आम जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। सोशल मीडिया पर #BiharPolitics ट्रेंड करने लगा है, जहां लोग भविष्य की सरकार को लेकर अपने-अपने कयास लगा रहे हैं। कार्यकर्ताओं की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए पटना की सड़कों पर सुरक्षा और राजनीतिक सरगर्मियां दोनों बढ़ गई हैं।
अगला पड़ाव: कौन बनेगा मुख्यमंत्री?
बिहार के इस सियासी ड्रामे में अब सबकी नजरें राजभवन और संख्या बल पर टिकी हैं। क्या नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे या बिहार की कमान किसी नए चेहरे को मिलेगी? इन सवालों का जवाब आने वाले कुछ घंटों में स्पष्ट होने की संभावना है।
फिलहाल, बिहार एक बार फिर देश की राजनीति का केंद्र बन गया है और हर बीतते मिनट के साथ तस्वीर बदल रही है।





