गया (बिहार) | डिजिटल युग में 'लाइक' और 'फॉलोअर्स' की अंधी दौड़ ने एक युवक को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। बिहार के गया जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का गलत इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और अलीनगर के विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

फेसबुक पर पोस्ट की थी एआई-जनित तस्वीरें

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दों गांव निवासी विकास कुमार यादव (35) के रूप में हुई है। आरोप है कि विकास ने महज सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए एआई तकनीक की मदद से भ्रामक और आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर दिया।

जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार शाम आरोपी को उसके घर से धर दबोचा।

पुलिस की सख्त चेतावनी: डिजिटल मर्यादा न लांघें

थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपनी गलती स्वीकार कर ली है और जेल जाने से पहले सोशल मीडिया पर अपनी भूल स्वीकारते हुए एक वीडियो भी जारी किया है।

कानूनी पक्ष: किसी भी व्यक्ति की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से फोटो या वीडियो को 'एडिट' करना या एआई के जरिए भ्रामक सामग्री बनाना आईटी एक्ट (IT Act) के तहत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी को कड़ी सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

आम लोगों के लिए पुलिस की अपील

गया पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों और युवाओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

जिम्मेदारी से करें उपयोग: सोशल मीडिया का इस्तेमाल सूचना और मनोरंजन के लिए करें, न कि किसी के चरित्र हनन के लिए।

फर्जी सामग्री न फैलाएं: किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो को आगे 'शेयर' या 'फॉरवर्ड' न करें।

तुरंत दें सूचना: यदि आपको सोशल मीडिया पर कोई भ्रामक सामग्री दिखे, तो उसे रिपोर्ट करें या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है: तकनीक का सृजनात्मक उपयोग समाज के लिए वरदान है, लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।