नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर नवगठित 'नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में विलय करने वाले बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की सीटें आवंटित कर दी गई हैं। रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद NCPI संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट कर दिया कि उनका गुट केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को अपना पूर्ण समर्थन देगा।
इस नए घटनाक्रम के बाद NCPI अब एनडीए गठबंधन में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है, जिससे संसद के भीतर का गणित पूरी तरह बदल गया है।
लोकसभा में आवंटित हुए नए सीट और डिवीजन नंबर
रविवार को NCPI पार्लियामेंट्री पार्टी की पहली औपचारिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के बाद समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा:
"आज हमारी पहली संसदीय बैठक हुई जो बेहद महत्वपूर्ण थी। लोकसभा में हमारे सांसदों के लिए सीटों का अलॉटमेंट, डिवीजन नंबर और अलग ब्लॉक की मांग को स्वीकार कर लिया गया है। सभी सदस्यों को उनके नए सीट नंबर्स की जानकारी दे दी गई है। अब हम सदन की कार्यवाही में एनडीए के सहयोगी के रूप में हिस्सा लेंगे।"
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिले बंद्योपाध्याय
सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने सत्ता पक्ष के शीर्ष नेतृत्व से गहन चर्चा की है:
प्रधानमंत्री से 1 घंटे की चर्चा: बंद्योपाध्याय ने बताया कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी करीब एक घंटे तक 'वन-टू-वन' बातचीत हुई। उन्होंने पीएम से आग्रह किया कि एनडीए के नए साथियों (NCPI सांसदों) को विश्वास में लिया जाए और उन्हें यह अहसास कराया जाए कि वे गठबंधन का अहम हिस्सा हैं, जिस पर प्रधानमंत्री ने बेहद विनम्रता से सहमति जताई।
गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात: उन्होंने पिछले दो दिनों में गृह मंत्री अमित शाह से भी दो बार मुलाकात की। बंद्योपाध्याय के मुताबिक, 20 सांसदों के साथ आने से अमित शाह भी काफी उत्साहित हैं।
"बंगाल के मुद्दों के लिए दिल्ली आने की ज़रूरत नहीं"
सांसदों के रुख को साफ करते हुए बंद्योपाध्याय ने कहा कि वे चाहते हैं कि सदन शांतिपूर्ण ढंग से चले। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा:
"अगर हमारे किसी भी सांसद को उनके निर्वाचन क्षेत्र (पश्चिम बंगाल) से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो हम उस मामले को सीधे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे। उन मुद्दों को सुलझाने के लिए दिल्ली तक खींचने की कोई ज़रूरत नहीं है।"
विपक्ष के वॉकआउट पर बोले— "हम अब तनाव मुक्त हैं"
सर्वदलीय बैठक में NCPI के सांसदों को आमंत्रित किए जाने के विरोध में रविवार को समूचे विपक्ष ने बैठक से वॉकआउट कर दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बंद्योपाध्याय ने कहा कि टीएमसी ने उनके सभी 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए अलग-अलग आवेदन दिए थे और आज विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार भी किया।
उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष चाहे जो करे, अब हम इन सभी राजनीतिक तनावों से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। NCPI अब सदन के नियमों के मुताबिक काम करेगी और एनडीए के फैसलों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।"





