तिरुवनंतपुरम/अलाप्पुझा: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शनिवार को अलाप्पुझा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि सत्ता के मोह में वामपंथी नेतृत्व ने अपनी मूल विचारधारा को तिलांजलि दे दी है।

"सत्ता के लिए विचारधारा से समझौता"

राहुल गांधी ने रैली के दौरान एलडीएफ सरकार और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को निशाने पर लेते हुए कहा कि केरल में अब बीजेपी, आरएसएस और लेफ्ट फ्रंट के बीच एक गुप्त गठजोड़ बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट फ्रंट के भीतर दो स्पष्ट खेमे बन गए हैं:

सत्तालोलुप नेता: जो किसी भी कीमत पर कुर्सी बचाए रखना चाहते हैं और इसके लिए आरएसएस जैसी ताकतों से हाथ मिलाने को तैयार हैं।

निराश कार्यकर्ता: वे लोग जो दशकों से विचारधारा के प्रति समर्पित रहे, लेकिन आज नेतृत्व के समझौतों के कारण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार

कांग्रेस नेता ने सीधे मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि उनके संबंध उन ताकतों के साथ हैं जो देश के अन्य हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हमले कर रही हैं। राहुल गांधी के शब्दों में:

"केरल की मौजूदा सरकार में अब 'लेफ्ट' जैसा कुछ भी नहीं बचा है। वामपंथी नेतृत्व अब केवल नाम का रह गया है, जबकि उनकी नीतियां और सांठगांठ पूरी तरह से दक्षिणपंथी विचारधारा के पूरक बन चुके हैं।"

"यूडीएफ ही नई उम्मीद"

राहुल गांधी ने जनसभा में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को केरल की एकमात्र वास्तविक उम्मीद बताया। उन्होंने कहा कि केरल को अब बदलाव की जरूरत है और यूडीएफ ही वह गठबंधन है जो बिना किसी विचारधारात्मक समझौते के लोगों के हक की लड़ाई लड़ सकता है। उन्होंने अदाणी का नाम लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार और राज्य की एलडीएफ सरकार के बीच 'मूक सहमति' होने का भी संकेत दिया।

सियासी हलचल तेज

राहुल गांधी के इस बयान के बाद केरल की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां एलडीएफ ने इन आरोपों को निराधार बताया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी का यह हमला कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने और वामपंथी वोट बैंक में सेंध लगाने की एक सोची-समझी रणनीति है।