नई दिल्ली।
देश में परीक्षाओं और भर्ती टेस्ट में कथित धांधली व पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खुल गया है। इंस्टाग्राम पर 22 मिलियन (2.2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने केंद्रीय मंत्री को 13 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। दिपके ने दो टूक कहा है कि यदि निर्धारित समय तक शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
'धर्मेंद्र प्रधान लें 1 करोड़ छात्रों के भविष्य की नैतिक जिम्मेदारी'
रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक वीडियो संदेश में अभिजीत दिपके ने अपने आंदोलन के अगले चरण की रणनीतियों को साफ किया। उन्होंने कहा:
"मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि धर्मेंद्र प्रधान शनिवार (13 जून) तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन बड़े पैमाने पर देशव्यापी रूप लेगा। इसके तहत मैं व्यक्तिगत रूप से विभिन्न राज्यों और शहरों का दौरा करूंगा और युवाओं को एकजुट कर उनके इस्तीफे की मांग करूंगा। जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्हें देश के एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की नैतिक जिम्मेदारी लेनी ही होगी।"
दिपके ने यह भी चेतावनी दी कि अगर राज्यों में प्रदर्शन के बाद भी केंद्र सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, तो देश के कोने-कोने से छात्र दोबारा राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में इकट्ठा होकर एक बड़ा शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
'जेन ज़ेड' का आंदोलन: नेपाल-बांग्लादेश से तुलना पर आपत्ति
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को हुए भारी प्रदर्शन के बाद राजनीतिक गलियारों में इस आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश में हुए 'जेन ज़ेड' (Gen Z) के तख्तापलट और हिंसक आंदोलनों से की जा रही थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने कहा:
सिस्टम में विश्वास: "कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि हम देश में तबाही मचाना चाहते हैं, लेकिन भारत में एक लोकतांत्रिक सिस्टम है। हम अपने आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों से नहीं करना चाहते।"
शांतिपूर्ण प्रदर्शन: "जंतर-मंतर पर भारी भीड़ के बावजूद हमारा प्रदर्शन बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण था। आगे होने वाले देशव्यापी प्रदर्शन भी पूरी तरह अहिंसक होंगे।"
गैर-राजनीतिक मंच: दिपके ने स्पष्ट किया कि CJP विशुद्ध रूप से युवाओं (Gen Z) के लिए है और यह किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी से कोई गठबंधन या जुड़ाव नहीं रखेगा।
जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच मास्क' पहनकर हुआ था अनोखा शक्ति-प्रदर्शन
गौरतलब है कि CJP की शुरुआत सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच' शब्द को लेकर एक व्यंग्यात्मक (Satirical) ऑनलाइन कैंपेन के रूप में हुई थी, जो देखते ही देखते करोड़ों युवाओं की आवाज बन गया।
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में छात्र 'कॉकरोच के मास्क' पहनकर और हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। इस अनोखे शक्ति-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जहां एक तरफ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी भाजपा से 'हिंदू-मुस्लिम' की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए। अब देखना यह है कि 13 जून की समयसीमा के करीब आने पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय का इस पर क्या रुख रहता है।





