मुंबई / नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों से 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' पारित होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस बिल पर साझा किए गए वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि देश में सक्रिय पेपर लीक माफिया का सीधा संबंध भारतीय जनता पार्टी से है।

वहीं, कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपे जाने के बाद संजय राउत उनके बचाव में भी मजबूती से सामने आए।

"पेपर सेट करने वाले RSS के लोग हैं" — संजय राउत

प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने कहा:

बीजेपी से जुड़े हैं माफिया: "जब से आपकी सरकार आई है, तब से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। महाराष्ट्र में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके तार कहाँ तक जुड़ते हैं, यह प्रधानमंत्री को देखना चाहिए। पेपर माफिया के लोगों को हमने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंचों पर देखा है।"

कोचिंग और RSS पर आरोप: राउत ने आगे आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अधिकांश कोचिंग संस्थानों के संचालक बीजेपी के समर्थक और सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि "पेपर सेट करने वाले लोग RSS से जुड़े हैं, इसी वजह से पेपर नीचे तक लीक होकर आते हैं।"

राहुल गांधी की तारीफ: "वे पढ़े-लिखे और संस्कारी नेता हैं"

अनुराग ठाकुर द्वारा राहुल गांधी पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोपों को खारिज करते हुए संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी एक सुशिक्षित और संस्कारी नेता हैं:

"राहुल गांधी बहुत पढ़ते और सोचते हैं। ऐसा व्यक्ति कभी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। यह उनके परिवार की महान परंपरा रही है—पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सभी अत्यधिक पढ़े-लिखे थे। राहुल जी में वही संस्कार आए हैं। जिन लोगों को शब्दों का अर्थ नहीं पता, उन्हें और RSS को एक चिंतन शिविर आयोजित करना चाहिए।"

अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ थमाया विशेषाधिकार हनन नोटिस

दूसरी ओर, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना की कार्रवाई की मांग की है:

बिना शर्त माफी की मांग: अनुराग ठाकुर ने 29 जुलाई की कार्यवाही का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ निराधार, अपमानजनक और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी सदन और गृह मंत्री से बिना शर्त माफी मांगें।

नियम 352 के उल्लंघन का आरोप: नोटिस में कहा गया कि लोक परीक्षा विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के संदर्भ में राहुल गांधी का बयान नियम 352 का स्पष्ट उल्लंघन था। मामले को विस्तृत जांच के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजने का अनुरोध किया गया है।