बरपेटा (असम): लोकसभा चुनाव के रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के बरपेटा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। पीएम मोदी ने असम की राजनीतिक दिशा को स्पष्ट करते हुए दावा किया कि इस बार राज्य की जनता दो ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने जा रही है।

चुनावी समीकरण: हैट्रिक बनाम सेंचुरी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विश्वास जताया कि असम में विकास की लहर विपक्षी खेमे को पूरी तरह साफ कर देगी।

भाजपा-एनडीए की हैट्रिक: पीएम ने कहा कि असम की जनता विकास पर मुहर लगाते हुए भाजपा-एनडीए की जीत की हैट्रिक सुनिश्चित करेगी।

कांग्रेस का रिकॉर्ड: उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "दिल्ली में बैठे शाही परिवार के नामदारों की हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड भी इस बार असम के लोग ही बनवाएंगे।"

रिपोर्ट कार्ड बनाम करप्शन: विजन की लड़ाई

पीएम मोदी ने बीजेपी और कांग्रेस के कामकाज के तरीकों की तुलना करते हुए 'नेशन फर्स्ट' का नारा दिया।

साफ नीयत, सही विकास: प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी हमेशा जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जाती है, जबकि कांग्रेस कभी ऐसा नहीं करती।

शॉर्ट-टर्म बनाम लॉन्ग-टर्म: पीएम के अनुसार, "कांग्रेस का ध्यान हमेशा भ्रष्टाचार और शॉर्ट-टर्म फायदों पर रहा, जबकि बीजेपी असम को उस बुलंदी पर ले जा रही है जिसका यह हकदार है।"

किसानों की आय: 4 लाख करोड़ बनाम 16 लाख करोड़

किसानों के मुद्दे पर आंकड़ों के साथ बात करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

विवरणकांग्रेस सरकार (2004-14)भाजपा सरकार (2014-24)
धान किसानों को कुल MSP4 लाख करोड़ रुपये16 लाख करोड़ रुपये
धान का प्रति क्विंटल MSP₹1,300₹2,370

उन्होंने जोर देकर कहा कि असम की भाजपा सरकार केंद्र के अलावा अपनी ओर से भी इसमें वृद्धि कर किसानों को सशक्त बना रही है।

नारी शक्ति के लिए विशेष सत्र का आह्वान

प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को 'विकसित भारत' की नींव बताया। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए एक बड़ी घोषणा की:

संसद का विशेष सत्र: 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिले, इसके लिए कानून में आवश्यक संशोधन हेतु 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।

सर्वसम्मति की अपील: पीएम ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर देश की बेटियों के हक के लिए इस कदम का समर्थन करें।

असम का अगला दशक: आत्मनिर्भरता की ओर

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछला दशक असम को डर और अस्थिरता से बाहर निकालने और इसकी पहचान बचाने का था। वहीं, आने वाला दशक असम को 'आत्मनिर्भर' बनाने और इसकी सांस्कृतिक व आर्थिक पहचान को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने के लिए समर्पित होगा।