नई दिल्ली:
दिल्ली के मालवीय नगर (हौजरानी) स्थित 'लेमन ग्रीन' रेस्टोरेंट और होटल की बहुमंजिला इमारत में बुधवार सुबह भड़की भीषण आग ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस दर्दनाक हादसे में एक विदेशी नागरिक सहित अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासनिक तंत्र, दमकल विभाग की मुस्तैदी और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेताओं ने जताया दुख, स्थानीय जांबाजों को सराहा
हादसे की सूचना मिलते ही 'आप' नेता सोमनाथ भारती ने घटनास्थल का जायजा लिया और इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सोमनाथ भारती का बयान:
"यह घटना अत्यंत दुखद है, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि करीब 20-25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में समाज के सभी वर्गों और स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आग से निकले अत्यधिक धुएं और इसे बुझाने में लगे लंबे समय के कारण नुकसान का दायरा काफी बढ़ गया।"
सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला: 'पीड़ितों पर दोष मढ़ना बंद करे सरकार'
दूसरी तरफ, 'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने इस अग्निकांड को लेकर सरकार और प्रशासनिक तंत्र को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दिल्ली में हुए पिछले हादसों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागे।
पुरानी घटनाओं का दिया हवाला: उन्होंने कहा, "इसी साल फरवरी में पालम में आग लगी थी, जिसमें 9 लोग जलकर मर गए। सरकार ने जांच का वादा किया था, लेकिन 3 महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। इसके बाद विवेक विहार में आग लगी, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी ही नहीं था।"
फायर ब्रिगेड की देरी और टूलकिट पर तंज: उन्होंने आरोप लगाया कि इस हादसे में भी दमकल विभाग देरी से पहुंचा। सरकार को अपनी गलती माननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय सरकार ने अपनी 'टूलकिट' सक्रिय कर दी।
बाहरी मरीजों के तीमारदारों का पक्ष: भारद्वाज ने भावुक होते हुए कहा, "जो लोग मजबूरीवश दूसरे राज्यों और देशों से आकर यहाँ छोटे मकानों और होटलों में रह रहे हैं और अपने परिजनों का इलाज करा रहे हैं, सरकार उल्टा उन्हीं पर दोष मढ़ रही है। सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक जिम्मेदार अफसरों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे हादसे नहीं रुकेंगे।"
कैसे हुआ हादसा? रसोई गैस लीक होने की आशंका
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह भीषण आग सुबह करीब 9:00 बजे इमारत के बेसमेंट में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट से शुरू हुई और चंद मिनटों में पांचवीं मंजिल तक फैल गई।
सटीक रेस्क्यू आंकड़े: हादसे के वक्त इमारत में 40 से अधिक लोग मौजूद थे। दमकल और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 37 लोगों को रेस्क्यू किया, जिनमें से कई लोग धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ और झुलसने की वजह से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
हादसे का कारण: शुरुआती जांच में इस भीषण अग्निकांड की वजह रसोई गैस (LPG) का लीक होना माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
इस भीषण त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएमओ की ओर से जारी संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गई है और संबंधित अधिकारियों को पीड़ितों व घायलों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, इलाके में भारी तनाव और गम का माहौल है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।





