जयपुर / नई दिल्ली:

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दिए गए एक तीखे बयान ने देश और प्रदेश के सियासी पारे को गरमा दिया है। गहलोत ने दावा किया कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं, तो देश के मौजूदा हालात को देखते हुए भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध (बैन) लगा देतीं। इस बयान पर पलटवार करते हुए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कांग्रेस को 'आपातकाल' की याद दिलाई है।

"50 साल के करियर में ऐसा खतरनाक माहौल नहीं देखा" — अशोक गहलोत

अशोक गहलोत ने अपने 50 साल के लंबे राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा:

"अगर देश को बचाना है, लोकतंत्र को बचाना है, तो विपक्ष की एकता जरूरी है। आज देश के भीतर जो खतरनाक माहौल है, वैसा मैंने अपने पूरे करियर में कभी नहीं देखा। अगर देश अब भी नहीं संभला, तो हमारी युवा पीढ़ी का कोई भविष्य नहीं बचेगा। इंदिरा गांधी जी ने शहादत दे दी, पर खालिस्तान नहीं बनने दिया। अगर वे आज होतीं, तो भाजपा जैसी पार्टी पर बैन लगा देतीं।"

गहलोत ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि 'INDIA' गठबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है और राहुल गांधी को खुलकर इसका नेतृत्व सौंप देना चाहिए।

यूपी चुनाव और मुस्लिम उम्मीदवारों पर उठाए सवाल

भाजपा की राष्ट्रीय छवि और उसकी विचारधारा पर हमला बोलते हुए गहलोत ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं, लेकिन भाजपा एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देती। दिखाने के लिए ही सही, 5 सीटें तो दे देते! लेकिन आप जताना चाहते हैं कि आप शुद्ध रूप से हिंदुत्ववादी पार्टी हैं। मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं को आज घर बैठा दिया गया है।"

भाजपा का तीखा पलटवार: "आपातकाल की आग में झुलसा था देश"

अशोक गहलोत के इस बयान पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा:

"अशोक गहलोत के विचार कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन किसी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाना न तो हमारे मूल संविधान में है और न ही लोकतंत्र में। देशवासी यह भूले नहीं हैं कि इंदिरा गांधी ने देश पर आपातकाल थोपा था, जिसकी आग में पूरा देश झुलसा था। गहलोत सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।"

सुप्रिया श्रीनेत ने किया गहलोत का समर्थन, खींचा 'सरदार पटेल' का कनेक्शन

इस पूरे विवाद में कूदते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अशोक गहलोत के सुर में सुर मिलाया। उन्होंने भाजपा और आरएसएस (RSS) को घेरते हुए कहा कि, "इतिहास गवाह है कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। अगर आज वे होते, तो मौजूदा भाजपा को भी बैन कर देते।"

सियासी गलियारों में चर्चा:

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में टिकट बंटवारे और हिंदुत्व के मुद्दे पर गहलोत का यह बयान आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच ध्रुवीकरण की राजनीति को और तेज करेगा।