श्रीरामपुर (हुगली): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। श्रीरामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ विचारधारा की लड़ाई नहीं लड़ रही हैं, बल्कि राज्य में उनके लिए रास्ता साफ कर रही हैं।

"मुझ पर 36 केस, ममता पर एक भी क्यों नहीं?"

राहुल गांधी ने अपनी और ममता बनर्जी की केंद्र सरकार के साथ तुलना करते हुए कई तीखे सवाल खड़े किए:

जांच का घेरा: राहुल ने कहा, "मुझसे ईडी ने 55 घंटे पूछताछ की, मेरा घर और सदस्यता छीन ली गई। मेरे खिलाफ 36 केस हैं, लेकिन ममता जी के खिलाफ ईडी या सीबीआई की कोई जांच क्यों नहीं हो रही?"

सीधी लड़ाई का दावा: उन्होंने दावा किया कि बीजेपी उनके और मल्लिकार्जुन खड़गे पर चौबीसों घंटे हमला करती है क्योंकि कांग्रेस ही आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा से मुकाबला करती है। उन्होंने कहा, "बंगाल चुनाव खत्म होते ही नरेंद्र मोदी ममता जी के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलेंगे।"

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर घेरा

राहुल गांधी ने बंगाल के आर्थिक हालात और पुराने घोटालों को लेकर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया:

उद्योगों का अंत: पास की बंद पड़ी हिंदुस्तान मोटर्स फैक्ट्री की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि जो बंगाल कभी उद्योगों का केंद्र था, उसे पहले लेफ्ट और फिर टीएमसी ने बर्बाद कर दिया।

नौकरी और भाई-भतीजावाद: उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में नौकरी पाने के लिए टीएमसी नेता का रिश्तेदार होना जरूरी है। उन्होंने 84 लाख बेरोजगार युवाओं का हवाला देते हुए पूछा कि 2021 में किए गए 5 लाख नौकरियों के वादे का क्या हुआ?

घोटालों की लंबी लिस्ट: राहुल ने सारदा और रोज वैली जैसे पोंजी स्कैम के साथ-साथ कोयला तस्करी और अवैध माइनिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में हर काम पर 'गुंडा टैक्स' वसूला जाता है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर प्रहार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि टीएमसी राज में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर उसी तरह जुल्म किया जा रहा है, जैसे देश के अन्य हिस्सों में बीजेपी करती है।

टीएमसी का पलटवार: "राहुल गांधी गैर-जिम्मेदार"

राहुल गांधी के बयानों पर टीएमसी ने भी कड़ा रुख अपनाया है। राज्य की मंत्री और टीएमसी प्रवक्ता डॉ. शशि पांजा ने पलटवार करते हुए कहा:

जांच पर सफाई: उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं को चुनाव के दौरान भी ईडी और सीबीआई के समन मिल रहे हैं, जबकि राहुल गांधी "कुत्ते के साथ खेलने में व्यस्त" हैं।

कांग्रेस की क्षमता पर सवाल: टीएमसी ने कहा कि अगर कांग्रेस ईमानदारी से लड़ती, तो बीजेपी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में नहीं जीत पाती। जनता तय करेगी कि बीजेपी को हराने के लिए कौन काबिल है।

निष्कर्ष: राहुल गांधी के इस कड़े रुख से साफ है कि इंडिया गठबंधन के घटक दल होने के बावजूद, पश्चिम बंगाल की जमीन पर कांग्रेस और टीएमसी के बीच की खाई और चौड़ी हो गई है। राहुल का यह बयान बंगाल में त्रिकोणीय मुकाबले को और भी दिलचस्प बना रहा है।