नई दिल्ली।

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस मामले में पीड़िता से जुड़े स्कूल का नाम और पहचान उजागर करने के आरोप में आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद मंगलवार (2 जून) को सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है।

"स्कूल ट्रस्ट में भाजपा नेता शामिल, इसलिए दबाया जा रहा मामला"

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौरभ भारद्वाज ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिस स्कूल में यह शर्मनाक घटना हुई, उसका प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से जुड़े लोग शामिल हैं। भारद्वाज ने कहा:

"यही असली कारण है कि प्रशासन, अधिकारी और पुलिस उस स्कूल का नाम छिपाना चाहते थे। जब मैंने पीड़ित बच्ची के असहाय परिजनों की चिंताएं उठाईं और यह उजागर किया कि राजनीतिक रसूख के चलते इस घिनौने मामले को दबाने की कोशिश हो रही है, तो उलटा मुझे ही निशाना बना दिया गया।"

पोक्सो और बीएनएस की धाराओं के तहत दर्ज हुआ है मामला

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने बीते 24 मई को सौरभ भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-72 (पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना), किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का आरोप है कि भारद्वाज के बयानों और सोशल मीडिया एक्टिविटी से पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर हुई है।

भारद्वाज का पलटवार: "मुझे बच्ची का नाम तक नहीं पता"

अपने ऊपर दर्ज मुकदमे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए 'आप' नेता ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने अपनी दलील में कहा:

"मुझे आज तक न तो पीड़ित बच्ची का नाम पता है और न ही उसके माता-पिता का। ऐसे में पहचान उजागर करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।"

"मैंने सिर्फ उस स्कूल का नाम सार्वजनिक किया था, जहां यह घटना हुई। समाज और अन्य अभिभावकों को यह जानने का पूरा हक है कि स्कूल प्रबंधन ने पीड़िता का साथ देने के बजाय आरोपी का पक्ष लिया।"

भारद्वाज ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के वक्त स्कूल के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जो यह साफ दर्शाता है कि जानबूझकर सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई है।

"जेल जाने से नहीं डरता, स्कूल का नाम लेता रहूंगा"

सौरभ भारद्वाज ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह एफआईआर सिर्फ उन्हें डराने, चुप कराने और स्कूल को बचाने के मकसद से दर्ज की गई है। उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और मासूम बच्ची को न्याय दिलाने के लिए वे आगे भी स्कूल का जिक्र और विरोध करते रहेंगे।

फिलहाल, सौरभ भारद्वाज द्वारा भाजपा पर लगाए गए इन सीधे और गंभीर आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।