चंडीगढ़ | पंजाब की राजनीति में एक अभूतपूर्व मोड़ आया है, जहाँ सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ पूरा विपक्ष एक सुर में खड़ा हो गया है। पंजाब राज्य वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के लिए कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर पर गंभीर आरोप लगने के बाद, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने आज, रविवार 22 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
तरनतारन और अमृतसर के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने हाल ही में आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उन्होंने कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। मामला इतना गंभीर हो गया कि मुख्यमंत्री को भुल्लर का इस्तीफा लेना पड़ा, लेकिन विपक्ष अब मंत्री की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ा है।
विपक्ष की 'महा-घेराबंदी' की रणनीति
चंडीगढ़ में आज विपक्षी दलों ने शक्ति प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली है:
भाजपा (BJP): प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह 11:30 बजे पार्टी दफ्तर से एमएलए हॉस्टल (सेक्टर 3) की ओर कूच करेंगे।
कांग्रेस (INC): प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दोपहर 12 बजे जिला प्रधानों की आपात बैठक बुलाई है। कांग्रेस भवन (सेक्टर 15) से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है।
अकाली दल (SAD): पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पार्टी की कमान संभाल रहे हैं। अकाली दल के नेताओं ने सीधे एमएलए हॉस्टल पहुँचकर साझा विरोध में शामिल होने का फैसला किया है।
चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विपक्ष के इस साझा घेराव को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने शहर को छावनी में तब्दील कर दिया है:
सेक्टर 37 (भाजपा दफ्तर) और सेक्टर 15 (कांग्रेस भवन) के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस की रणनीति नेताओं को उनके दफ्तरों के पास ही रोकने की है ताकि वे मुख्यमंत्री आवास (सेक्टर 3) तक न पहुँच सकें।
एमएलए हॉस्टल और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
राजनीतिक समीकरण: 'आप' के लिए बढ़ी मुश्किलें
| दल | मुख्य चेहरा | रणनीति |
|---|---|---|
| भाजपा | सुनील जाखड़ | भ्रष्टाचार और नैतिक जिम्मेदारी पर सरकार को घेरना। |
| कांग्रेस | राजा वड़िंग | कानून-व्यवस्था और कर्मचारी सुरक्षा को मुद्दा बनाना। |
| अकाली दल | बिक्रम मजीठिया | मंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग। |
| आम आदमी पार्टी | भगवंत मान | इस्तीफा लेकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश। |
विश्लेषण: क्यों ऐतिहासिक है यह विरोध?
पंजाब की सियासत में यह पहला मौका है जब विचारधाराओं को किनारे रखकर कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल एक साथ सड़क पर उतर रहे हैं। लालजीत भुल्लर पर लगे आरोपों की गंभीरता और एक सरकारी अधिकारी की आत्महत्या ने सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि विपक्ष का यह दबाव बना रहा, तो आने वाले दिनों में सरकार को और भी कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।





