जयपुर।

राजस्थान की सियासत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के बीच चल रही तल्ख बयानबाजी अब एक बड़े कानूनी मोड़ पर आ खड़ी हुई है। नागौर से सांसद और आरएलपी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को एक विस्तृत लीगल नोटिस भेजकर उनके बयानों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बेनीवाल के इस कदम से प्रदेश के राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।

"छवि को पहुंचाया गंभीर नुकसान, जनता में गया गलत संदेश"

सांसद हनुमान बेनीवाल की ओर से भेजे गए इस कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा सार्वजनिक मंचों और मीडिया में दिए गए बयानों से उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक छवि को गंभीर ठेस पहुंची है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है:

"बिना किसी पर्याप्त तथ्य और प्रमाणों के लगाए गए ये आरोप न केवल मानहानिकारक हैं, बल्कि समाज में भ्रम और वैमनस्य की स्थिति पैदा करने वाले हैं। एक संवैधानिक और सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से हमेशा मर्यादित एवं जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है।"

राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक बयानबाजी का आरोप

आरएलपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से दिए गए ये बयान पूरी तरह भ्रामक, उत्तेजक और तथ्यहीन हैं। नोटिस में यह भी रेखांकित किया गया है कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से समर्थकों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह कथित बयान सीधे तौर पर मानहानि सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।

सार्वजनिक माफी मांगें, अन्यथा होगी अदालती कार्रवाई

हनुमान बेनीवाल ने इस नोटिस के जरिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के सामने सख्त मांगें रखी हैं:

मदन राठौड़ अपने कथित बयानों को तत्काल प्रभाव से वापस लें।

वे इस मामले में सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।

चेतावनी: नोटिस में स्पष्ट शब्दों में सचेत किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर संतोषजनक जवाब या कदम नहीं उठाया गया, तो सक्षम न्यायालय में मदन राठौड़ के खिलाफ दीवानी (Civil) और आपराधिक (Criminal) कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

गर्माया राजस्थान का सियासी पारा

राजस्थान में पहले से ही सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी था, लेकिन बेनीवाल के इस लीगल नोटिस ने इस सियासी आग में घी का काम किया है। अब पूरी राजनीतिक बिरादरी और जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इस नोटिस पर क्या पलटवार करते हैं और आगामी दिनों में यह कानूनी लड़ाई क्या रूप लेती है।