पटना
बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग संपन्न होने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) पटना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर लगातार हमलावर हैं। शनिवार को निर्वाचन आयोग से शिकायत करने के बाद, रविवार को प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पुलिस पर पक्षपात करने और जन सुराज कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रशांत किशोर ने मीडिया के सामने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए तीन कार्यकर्ताओं को भी पेश किया और कुछ सबूत प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि पटना SSP भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रहे हैं।
"रात में सोते समय लोगों को घरों से उठाया"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा:
"जब चुनाव आयोग से शिकायत की गई, तो पुलिस प्रशासन ने तर्क दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहर से आए लोगों को पकड़ा गया था। लेकिन सच्चाई यह है कि 50 से अधिक गिरफ्तार लोगों में ज्यादातर पटना के ही स्थानीय निवासी हैं। पुलिस ने देर रात उनके घरों में दबिश देकर सोते समय उन्हें उठाया। आखिर घर में सोया हुआ व्यक्ति कानून-व्यवस्था का उल्लंघन कैसे कर सकता है?"
आरोप और मुख्य बिंदु
प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर निम्नलिखित गंभीर सवाल खड़े किए:
अनप्रोफेशनल रवैया: जन सुराज प्रमुख ने SSP को 'अनप्रोफेशनल' बताते हुए आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 22 में पुलिस अधिकारियों ने मतदाताओं को डरा-धमकाकर वोट डालने से रोका।
संविधान और कानून की दी याद: उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जन सुराज का प्रत्याशी जीते या हारे, पुलिस किसी को डरा नहीं सकती। कानून का ज्ञान पुलिस के साथ-साथ आम जनता और जन सुराज को भी है।
कार्रवाई की मांग: प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और संबंधित अधिकारियों की सेवा (नौकरी) के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाएंगे।
SSP के खिलाफ मुख्य चुनाव अधिकारी से शिकायत
जन सुराज की ओर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र सौंपकर पटना SSP के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाने के लिए अंत तक लड़ाई जारी रखेंगे।





