लखनऊ | कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक बड़े कानूनी मोर्चे की सुगहाट शुरू हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के विरुद्ध 'आय से अधिक संपत्ति' के आरोपों वाली एक आपराधिक याचिका को स्वीकार कर लिया है। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को कमान सौंपने की मांग की है।

चेंबर में हुई 'अत्यंत आवश्यक' सुनवाई

यह मामला बुधवार (6 मई, 2026) को जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस जफीर अहमद की डिवीजन बेंच के सामने फ्रेश केस लिस्ट में सूचीबद्ध किया गया था।

विशेष अनुरोध: याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने मामले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए अदालत से इसे 'अत्यंत आवश्यक' (Urgent) मानते हुए चेंबर में सुनने का अनुरोध किया।

अदालत का रुख: बेंच ने याचिकाकर्ता की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए दोपहर में चेंबर में ही सुनवाई की अनुमति दे दी।

क्या हैं गंभीर आरोप?

याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में गांधी परिवार की वित्तीय स्थिति पर कई सवाल उठाए हैं:

आय से अधिक संपत्ति: आरोप है कि राहुल गांधी और उनके परिवार के पास मौजूद संपत्ति उनकी घोषित और ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है।

निष्पक्ष जांच की मांग: याचिका में कहा गया है कि सच्चाई सामने लाने के लिए एक विस्तृत जांच अनिवार्य है।

एजेंसियों का घेरा: इस मामले में केवल CBI ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग, गृह मंत्रालय और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को भी पक्षकार (Parties) बनाया गया है।

राजनीतिक और कानूनी मायने

यदि हाई कोर्ट इस मामले में CBI को रेगुलर केस (RC) दर्ज करने का आदेश देता है, तो यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बन सकती है।

सबूतों का भार: जांच शुरू होने की स्थिति में राहुल गांधी को अपनी आय और संपत्ति के हर स्रोत का दस्तावेजी प्रमाण पेश करना होगा।

सियासी हलचल: लोकसभा चुनाव के बाद और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की कानूनी कार्रवाई से उत्तर प्रदेश सहित देशभर की राजनीति में भूचाल आना तय है।

निष्कर्ष: अदालत अब इस मामले में जल्द ही अगली सुनवाई की तारीख तय करेगी। गांधी परिवार पर लंबे समय से आय और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन हाई कोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद अब यह मामला कानूनी रूप से काफी गंभीर मोड़ ले चुका है।