टोंक/कोटा।
राजस्थान की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस ने राज्य में आगामी राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने एलान किया है कि साल 2028 का राजस्थान विधानसभा चुनाव किसी एक स्थानीय नेता के चेहरे पर नहीं लड़ा जाएगा। इसके बजाय, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी के मुख्य चेहरे होंगे और कांग्रेस पूरी तरह उनकी विचारधारा को आगे रखकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
यह संयुक्त घोषणा राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने टोंक में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। इससे पहले दोनों नेताओं ने कोटा में आयोजित अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रकोष्ठ के सम्मेलन को भी संबोधित किया, जहाँ उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
"जो सहमत नहीं, उसे पाकिस्तानी बता देते हैं" — विपक्ष का तीखा प्रहार
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यशैली और विचारधारा पर तीखे वैचारिक हमले किए। टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा:
"आजकल देश में एक नया और खतरनाक ट्रेंड शुरू हो गया है। जो कोई भी भाजपा या सरकार की विचारधारा से असहमति जताता है, उसे तुरंत 'पाकिस्तानी' करार दे दिया जाता है। लोकतंत्र में असहमति की आवाज को इस तरह दबाया जाना बेहद निंदनीय है।"
केंद्रीय एजेंसियों और आर्थिक नीतियों पर घेरा
डोटासरा ने आरोप लगाया कि सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी तमाम केंद्रीय एजेंसियां अब पूरी तरह से भाजपा का 'तोता' बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ईडी का डर दिखाकर और उसका दुरुपयोग करके सरकारें गिराना और बनाना ही अब भाजपा का मुख्य लक्ष्य रह गया है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर छोटे उद्योगों को खत्म कर अपने चुनिंदा बड़े उद्योगपति मित्रों को नाजायज लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगाया।
नीट (NEET) पेपर लीक पर घिरे शिक्षा मंत्री, इस्तीफे की मांग
देशभर में चर्चा का विषय बने परीक्षा विवादों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के मौजूदा बदतर हालात के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। डोटासरा ने मांग की कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का तीखा ट्वीट: "डबल इंजन नहीं, यह सर्कस है"
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया (इंटरनेट मीडिया) के जरिए राज्य की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला।
गहलोत ने कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए लिखा:
"राजस्थान की भाजपा सरकार के मंत्रियों की बुद्धि पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है। राज्य के कानून मंत्री जोगाराम पटेल के खुद के गांव में पानी की किल्लत को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। भाजपा का नया नारा साफ है— 'पानी मांगोगे तो जेल जाओगे'। यह तथाकथित डबल इंजन की सरकार नहीं, बल्कि एक सर्कस है।"
भविष्य की सियासत का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान कांग्रेस द्वारा 2028 के चुनाव के लिए किसी स्थानीय चेहरे को आगे न करने का फैसला पार्टी के भीतर की गुटबाजी को रोकने और केंद्रीय नेतृत्व के दम पर एकजुट होकर चुनाव लड़ने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जाएंगे।





