नई दिल्ली | मुख्य संवाददाता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर अपनी संगठनात्मक तैयारी तेज कर दी है। चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन और विधायी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 9 मार्च 2026 को विभिन्न राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की है।
बिहार की कमान विजय शर्मा और हर्ष मल्होत्रा के हाथ
बिहार में राज्यसभा चुनाव की रणनीतिक निगरानी के लिए भाजपा ने दो कद्दावर नेताओं पर भरोसा जताया है:
विजय शर्मा: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, जिन्हें सांगठनिक कौशल का लंबा अनुभव है।
हर्ष मल्होत्रा: केंद्र सरकार में राज्य मंत्री, जो दिल्ली की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पार्टी का उद्देश्य इन नियुक्तियों के माध्यम से बिहार में एनडीए के संख्या बल को प्रभावी ढंग से एकजुट रखना और चुनावी प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूर्ण करना है।
हरियाणा और ओडिशा में भी अनुभवी चेहरों पर दांव
पार्टी आलाकमान ने अन्य महत्वपूर्ण राज्यों के लिए भी वरिष्ठ मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है:
हरियाणा: गुजरात के प्रभावशाली युवा नेता और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
ओडिशा: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ओडिशा में पार्टी की चुनावी गतिविधियों और विधायकों के साथ समन्वय की देखरेख करेंगे।
सटीक रणनीति और सुचारू समन्वय का लक्ष्य
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मुख्य भूमिका संबंधित राज्यों में भाजपा विधायकों के साथ बेहतर तालमेल बिठाना और चुनाव से जुड़ी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखना होगा।
पार्टी का रुख: > "इन नियुक्तियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया पार्टी की निर्धारित रणनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार सुचारू रूप से संपन्न हो सके।"





