पटना: बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की औपचारिक पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को विधानसभा में आसानी से विश्वास मत हासिल कर लिया। संख्या बल के मजबूत आधार पर टिकी एनडीए सरकार ने सदन में ध्वनि मत के जरिए अपनी जीत सुनिश्चित की। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक नौवें दिन सम्राट चौधरी ने विधिवत रूप से सदन का भरोसा जीत लिया है।

संख्या बल में भारी पड़ा एनडीए

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सरकार की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। एनडीए के पास वर्तमान में 201 विधायकों का विशाल समर्थन है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (122) से कहीं अधिक है। विपक्षी खेमे की ओर से भी कोई बड़ी चुनौती पेश नहीं की गई, यहाँ तक कि नेता प्रतिपक्ष ने तंज भरे लहजे में ही सही, लेकिन सरकार का समर्थन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सहित अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बधाई दी।

विपक्ष पर तीखा प्रहार: '3-C' पर अडिग सरकार

विश्वास मत पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने पूर्ववर्ती लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि संघर्षों और अत्याचारों ने ही उन्हें आज इस मुकाम तक पहुँचाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार नीतीश कुमार के सिद्धांतों और 'विकसित बिहार' के संकल्प को आगे बढ़ाएगी।

शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

"हमारी सरकार '3-C' यानी करप्शन (भ्रष्टाचार), क्राइम (अपराध) और कम्युनलिज्म (साम्रदायिकता) से कोई समझौता नहीं करेगी। सुशासन और महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत तंज

सदन में अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पारिवारिक रिश्तों का हवाला देते हुए तीखा हमला बोला और कहा, "नीतीश कुमार जी की ही इच्छा थी कि मैं मुख्यमंत्री बनूँ।" उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि जो अपने घर में बहन का सम्मान नहीं कर सकता, वह समाज की दूसरी महिलाओं के सम्मान की रक्षा क्या करेगा।

विकास और सुशासन का संकल्प

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि जिस सुशासन की नींव नीतीश कुमार ने रखी थी, उसे और अधिक सशक्त बनाकर बिहार को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।