चेन्नई/नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए भाजपा ने अभिनेता से राजनेता बने विजय से अन्नाद्रमुक (AIADMK) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल होने की औपचारिक अपील की है। भाजपा का मानना है कि सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा ही सत्ता परिवर्तन की कुंजी है।
भाजपा की रणनीति: 'वोटों का बिखराव' रोकना
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ए.एन.एस. प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष अलग-अलग चुनाव लड़ता है, तो इसका सीधा लाभ मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को मिलेगा।
बिखराव का डर: विजय की लोकप्रियता युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी अधिक है। यदि TVK अकेले चुनाव लड़ती है, तो वह एआईडीएमके-भाजपा गठबंधन के 'सत्ता विरोधी वोटों' में सेंध लगा सकती है।
एकजुट विपक्ष: भाजपा का तर्क है कि अगर विजय का मुख्य उद्देश्य डीएमके को सत्ता से हटाना है, तो उन्हें एक बड़े गठबंधन का हिस्सा बनना चाहिए।
डीएमके गठबंधन में 'दरार' का दावा
भाजपा नेताओं का आरोप है कि डीएमके गठबंधन (SPA) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है।
सीटों का गणित: हाल ही में डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे (28 सीटें) को लेकर खींचतान देखी गई।
असंतोष: डीएमडीके (DMDK) को राज्यसभा सीट देने के फैसले से वीसीके (VCK) और वामपंथी दलों जैसे पुराने सहयोगियों में नाराजगी की खबरें हैं, जिसे भाजपा एक अवसर के रूप में देख रही है।
विजय (TVK) का अब तक का रुख: 'शुद्ध बनाम 'अशुद्ध' की जंग
अभिनेता विजय ने अब तक किसी भी बड़े गठबंधन में शामिल होने के आधिकारिक संकेत नहीं दिए हैं।
सीधी टक्कर: हालिया रैलियों में विजय ने एम.के. स्टालिन के "तमिलनाडु बनाम दिल्ली" के नैरेटिव को खारिज करते हुए कहा कि असली लड़ाई "भ्रष्ट डीएमके" और "ईमानदार TVK" के बीच है।
तटस्थता: विजय ने भाजपा की 'धार्मिक राजनीति' और डीएमके की 'वंशवादी राजनीति' दोनों की आलोचना की है, जिससे उनके एनडीए में शामिल होने पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।
अहम घटनाक्रम और तारीखें
10 मार्च - 13 मार्च: चुनाव आयोग की तैयारियों और राज्य में राजनीतिक रैलियों का दौर तेज होगा।
9 मार्च: कल इलाहाबाद हाईकोर्ट में शंकराचार्य मामले की सुनवाई है, लेकिन तमिलनाडु में सबकी नजरें विजय की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
ओपीएस का झटका: हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम (OPS) का डीएमके के प्रति झुकाव और उनके बेटे का समर्थन विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।





