चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐसी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से कम नहीं है। तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने विजय सत्ता के शिखर के बेहद करीब पहुँच चुके हैं, लेकिन बहुमत का जादुई आँकड़ा अभी भी उनसे दो कदम दूर है। राज्य में सरकार बनाने की चाबी अब विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के हाथ में सिमट गई है।

बहुमत का गणित: 116 पर अटकी TVK

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:

TVK के पास समर्थन: 116 विधायक

बहुमत का आंकड़ा: 118 विधायक

कमी: केवल 02 विधायक

विजय ने अब तक राज्यपाल से तीन बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है, लेकिन 2 विधायकों के आधिकारिक समर्थन पत्र के बिना राजभवन से हरी झंडी मिलना बाकी है।

VCK के दो 'सिकंदर' जिन पर टिकी है नजर

सारा सस्पेंस VCK के इन दो विधायकों पर टिका है, जिनके समर्थन मात्र से विजय मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँच सकते हैं:

वन्नी अरसु (तिन्दिवनम): इन्होंने मात्र 734 वोटों के बेहद करीबी अंतर से जीत दर्ज की है।

एल.ई. जोथिमनी (कट्टुमन्नारकोइल): इन्होंने 33,063 वोटों के बड़े अंतर से अपनी सीट जीती है।

वन्नी अरसु का रहस्यमयी पोस्ट: "हम ही केंद्र हैं"

शनिवार को वन्नी अरसु ने सोशल मीडिया 'X' पर एक पोस्ट साझा कर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी। उन्होंने लिखा:

"भले ही आप हमें हाशिए पर धकेलने या हमसे दूरी बनाने की कोशिश करें, हम खुद ही यह तय करेंगे कि हम ही केंद्र हैं।"

इस पोस्ट को विजय की पार्टी TVK के लिए एक संकेत माना जा रहा है कि VCK को हल्के में न लिया जाए। इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि VCK इस समय तमिलनाडु की राजनीति का 'डिसाइडिंग फैक्टर' है।

सस्पेंस बरकरार: क्या होगा थिरुमावलवन का फैसला?

VCK के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की है। शुक्रवार को हुई ऑनलाइन चर्चा के बाद आज अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि:

यदि VCK समर्थन देती है, तो विजय का राजतिलक तय है।

यदि समर्थन नहीं मिलता, तो राज्य में गठबंधन की नई संभावनाओं या राष्ट्रपति शासन की चर्चा भी शुरू हो सकती है।

निष्कर्ष: क्या थलपति विजय अपनी पहली ही राजनीतिक पारी में तमिलनाडु के 'नायक' बन पाएंगे? या VCK की शर्तें विजय के 'विजय रथ' को रोक देंगी? फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें चेन्नई की ओर टिकी हैं।