कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने अपनी उम्मीदवारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सुवेंदु ने स्पष्ट किया है कि आगामी चुनावों के लिए 'नंदीग्राम' उनकी पहली पसंद है, लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर सहित अन्य सीटों से चुनाव लड़ने की संभावना को भी खारिज नहीं किया है।
"नंदीग्राम मेरी भावनात्मक पूंजी"
मीडिया से बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ अपने गहरे जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा:
"अगर आप मुझसे निजी तौर पर पूछें, तो मैं नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ना चाहूंगा। यह मेरा राजनीतिक आधार और मेरी भावनात्मक पूंजी है।"
गौरतलब है कि 2021 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में सुवेंदु ने इसी सीट पर ममता बनर्जी को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री को विधानसभा पहुँचने के लिए भवानीपुर से उपचुनाव लड़ना पड़ा था।
TMC पर तंज: "यह बुआ-भतीजे की पार्टी नहीं"
अपनी उम्मीदवारी पर अंतिम फैसले को लेकर सुवेंदु ने बीजेपी की कार्यप्रणाली की तारीफ की और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री और अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बिना कहा:
सामूहिक निर्णय: "बीजेपी में कोई भी फैसला व्यक्तिगत नहीं होता। यह कोई 'पिशी-भाइपो' (बुआ-भतीजा) वाली पार्टी नहीं है।"
पार्टी का अनुशासन: "अगर पार्टी मुझे चुनाव नहीं भी लड़ाती है, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है। अंतिम फैसला नेतृत्व का होगा और मैं उसका पालन करूँगा।"
दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
सुवेंदु के इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी सुवेंदु को नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी मैदान में उतारकर ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में घेरने की रणनीति बना सकती है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पसंदीदा सीट | नंदीग्राम (जहाँ 2021 में जीत दर्ज की) |
| चुनौतीपूर्ण विकल्प | भवानीपुर (ममता बनर्जी का वर्तमान क्षेत्र) |
| रणनीति | पार्टी के सामूहिक निर्णय पर निर्भर |





