बेंगलुरु/गुवाहाटी: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने असम की राजनीति को लेकर तीखा और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि असम की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और आगामी चुनावों में कांग्रेस सत्ता में जोरदार वापसी करेगी। शिवकुमार ने बीजेपी के 'ऑपरेशन लोटस' और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
'रात नहीं, दिन में सपने देख रहे हैं मुख्यमंत्री'
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कांग्रेस के 30 प्रतिशत टिकटों का निर्णय स्वयं करते हैं, डीके शिवकुमार ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा:
"हम सभी रात में सपने देखते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री (हिमंत) दिन में सपने देख रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी के बारे में निर्णय कैसे ले सकते हैं? सच तो यह है कि बीजेपी के अंदर कई नेता घुट रहे हैं और वे सही समय पर इसका जवाब देंगे।"
हिंदुत्व बनाम सर्वधर्म समभाव
मुख्यमंत्री सरमा के इस दावे पर कि 'कांग्रेस के सभी हिंदू नेता बीजेपी के साथ हैं', शिवकुमार ने इसे एक गलत धारणा करार दिया। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा:
समावेशी राजनीति: कांग्रेस का अपना इतिहास और नैतिक मूल्य हैं। हम हिंदू, मुस्लिम, सिख और बौद्ध— सभी को साथ लेकर चलते हैं।
राष्ट्र के प्रतीक: संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान कांग्रेस की देन है और हम इनमें अटूट विश्वास रखते हैं। बीजेपी केवल एक पक्ष की बात करती है, जबकि हम पूरे देश की।
बीजेपी के 'ऑपरेशन लोटस' पर प्रहार
कांग्रेस में अनुशासन की कमी के आरोपों पर डीके शिवकुमार ने बीजेपी के उदय और उसकी कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
नैतिकता का अभाव: बीजेपी 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए विपक्षी पार्टियों को तोड़कर सरकार बनाती है।
उदाहरण: उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने एनसीपी और शिवसेना जैसी पार्टियों को तोड़कर अपनी सत्ता स्थापित की है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
जनता का भरोसा: शिवकुमार ने कहा, "हम किसी पार्टी को तोड़ने में नहीं, बल्कि देश की जनता और नैतिक मूल्यों पर विश्वास करते हैं।"
'राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं'
असम में गौरव गोगोई के नेतृत्व की सराहना करते हुए शिवकुमार ने कहा कि जनता अब एक युवा और बेदाग चेहरा चाहती है। उन्होंने एक दार्शनिक अंदाज में बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा:
"राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। जैसे सूर्य उदय और अस्त होता है, वैसे ही बीजेपी का यह दौर भी खत्म होगा। इस अंधेरी रात की सुबह जरूर होगी और कांग्रेस का समय फिर से आएगा।"
निष्कर्ष
डीके शिवकुमार का यह बयान असम में कांग्रेस के आक्रामक चुनाव प्रचार का शंखनाद माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और डीके शिवकुमार के बीच यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में असम की राजनीति को और अधिक गरमाने वाली है।





