नई दिल्ली/पटना/मुंबई। देश के राजनीतिक गलियारों में इस समय उच्च सदनों की सीटों पर कब्जे को लेकर सरगर्मियां चरम पर हैं। राज्यसभा की 24 सीटों के साथ-साथ बिहार और महाराष्ट्र में विधान परिषद (MLC) चुनावों का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। इस साल कुल 72 राज्यसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सीटों के बंटवारे और अपनी-अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर अंदरूनी खींचतान काफी तेज हो गई है। सभी घटक दल इन चुनावों को एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

बिहार: 10 सीटों का गणित और 'निशांत-दीपक' को सदन भेजने की तैयारी

बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर नियमित चुनाव होना है, जबकि 1 सीट पर उपचुनाव होगा। यह उपचुनाव वाली सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और इस्तीफे से खाली हुई है, जिस पर जेडीयू का दावा तय है। हालांकि, बाकी सीटों को लेकर भाजपा और जेडीयू में मंथन जारी है।

बीजेपी का बड़ा दावा: पहले दोनों दलों में बराबर-बराबर सीटों पर लड़ने की चर्चा थी, लेकिन अब भाजपा 4 सीटों पर अपना दावा ठोक रही है, जबकि जेडीयू के हिस्से 2 सीटें आने की संभावना है।

कैबिनेट मंत्रियों के लिए सीट पक्की: बिहार की 'सम्राट कैबिनेट' में शामिल स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार तथा पंचायती राज मंत्री व उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। इन्हें 6 महीने के भीतर सदस्यता लेनी अनिवार्य है, इसलिए इन दोनों का विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है।

सहयोगियों का दबाव: एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी अपनी पार्टी (HAM) के लिए एक सीट की मांग पर अड़े हैं और इसके लिए उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर दिल्ली आलाकमान तक संदेश भिजवाया है।

महाराष्ट्र: 'महायुति' में 16+1 सीटों पर खींचतान, अमित शाह के साथ बैठक

महाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीटों और 1 उपचुनाव वाली सीट को लेकर सत्तारूढ़ 'महायुति' गठबंधन के भीतर पेंच फंसा हुआ है।

हाई-लेवल मीटिंग: सीट शेयरिंग का संतोषजनक फॉर्मूला निकालने के लिए हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दिल्ली में एक अहम बैठक भी हुई है।

शिंदे गुट और अजित पवार की मांग: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपनी शिवसेना के लिए 5 सीटों की मांग पर अड़े हैं, जिस पर बीजेपी हिचकिचा रही है। वहीं, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (अजित पवार गुट) 3 सीटें चाहती है, लेकिन बीजेपी उन्हें 1 सीट देने के पक्ष में है।

पवार परिवार से कौन जाएगा राज्यसभा? सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट को लेकर भी अजित पवार खेमे में कयासों का दौर जारी है कि क्या पवार परिवार से ही किसी अन्य सदस्य को उच्च सदन भेजा जाएगा।

कर्नाटक: 4 सीटों पर 'सहयोगी धर्म' और संगठनात्मक हितों की परीक्षा

कर्नाटक में राज्यसभा की 4 सीटों पर चुनाव होना है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को 3 और बीजेपी को 1 सीट मिलना लगभग तय है।

बीजेपी के सामने दुविधा: भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपनी एकमात्र संभावित सीट खुद के पास रखे या अपने सहयोगी दल जेडीएस (JDS) को दे।

देवगौड़ा के लिए जेडीएस की मांग: जेडीएस के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का कार्यकाल खत्म हो रहा है, और पार्टी चाहती है कि उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा जाए। ऐसे में बीजेपी के लिए सहयोगी धर्म निभाने और अपने संगठनात्मक हितों के बीच संतुलन बनाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

निष्कर्ष: राज्यसभा और विधान परिषद के ये चुनाव सिर्फ सदनों के संख्या बल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले विधानसभा चुनावों की बिसात बिछाने और सहयोगियों के बीच अपनी ताकत का लोहा मनवाने की असली लड़ाई बन चुके हैं।