वाराणसी। अपनी संसदीय नगरी काशी की पावन धरा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर विकास और नारी शक्ति के सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा। 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' के दौरान प्रधानमंत्री ने वाराणसी को 6,350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने जहाँ दो नई 'अमृत भारत' ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर यूपी-महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को मजबूती दी, वहीं महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर घेरा।

दिव्य शक्तियों की भूमि पर मातृशक्ति का नमन

जनसभा को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में पीएम मोदी ने कहा, "हमारी काशी माता श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा और मां गंगा जैसी दिव्य शक्तियों की भूमि है। आज बहन-बेटियों के इस समागम ने इस वातावरण को और भी दिव्य बना दिया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के मिशन में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है और लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना उनका अडिग लक्ष्य है।

विपक्ष पर प्रहार: "परिवारवाद और तुष्टिकरण से डरे हुए हैं दल"

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं के लिए कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा:

ये दल धरातल पर नेतृत्व कर रही बेटियों के आगे बढ़ने से डरे हुए हैं।

40 वर्षों से महिलाओं के हक को लटका कर रखा गया और अब भी इसे 'लाल झंडी' दिखाई जा रही है।

विपक्ष को डर है कि यदि सामान्य परिवारों की बेटियां सदन में पहुंचीं, तो उनकी राजनीति पर से नियंत्रण खत्म हो जाएगा।

पीएम ने भरोसा दिलाया कि वे इस अधिकार को लागू करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे और हर हाल में अपना संकल्प पूरा करेंगे।

लखपति दीदी से लेकर शौचालय तक: सेवा का रिपोर्ट कार्ड

पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार की हर नीति के केंद्र में महिला कल्याण है। उन्होंने गर्व से साझा किया कि:

देश में अब तक 3 करोड़ बहनें 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।

10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर हैं।

12 करोड़ शौचालय, 30 करोड़ बैंक खाते और 12 करोड़ घरों तक 'नल से जल' पहुँचाकर महिलाओं के जीवन को सुगम बनाया गया है।

कनेक्टिविटी को नए पंख: काशी और अयोध्या का महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव

विकास उत्सव के दौरान पीएम मोदी ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (बनारस-पुणे और अयोध्या-मुंबई) का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन ट्रेनों से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को एक आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

निष्कर्ष: 'नागरिक देवो भव' के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी प्राथमिकता 'पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई' है। काशी की धरती से उठी यह गूंज आगामी समय में देश की राजनीति और विकास की दिशा तय करने वाली साबित होगी।